
सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664*जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उईके एवं लोकेश कुमार सिंहा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मोतीनगर पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि मशानझिरी घाटी के पास एक व्यक्ति अवैध शराब का भंडारण कर बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर संदिग्ध व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, जिसे मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सोनू घोषी पिता निर्भय घोषी, उम्र 43 वर्ष, निवासी कनेरा देव, सागर बताया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 45 पाव पावर स्ट्रॉन्ग व्हिस्की (कीमती ₹5,400)
141 पाव जिप्सी शराब (कीमती ₹15,510) 150 पाव देशी मदिरा प्लेन (कीमती ₹10,500) कुल 336 पाव (60.480 लीटर) अवैध शराब जिसकी कुल कीमत ₹31,410/- पाई गई, जिसे मौके पर ही विधिवत जप्त किया गया। आरोपी से शराब रखने एवं विक्रय के संबंध में वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, जो वह नहीं दे सका। इस पर आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। गिरफ्तार आरोपी सोनू घोषी एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी 06 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं, जिनमें आबकारी एक्ट, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट एवं मारपीट/आपराधिक धमकी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
मोतीनगर पुलिस की इस त्वरित एवं सशक्त कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। पुलिस द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।इस सराहनीय कार्यवाही में निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, थाना प्रभारी मोतीनगर उप निरीक्षक गौरव गुप्ता,प्रधान आरक्षक नदीम शेख,आरक्षक अखलेश कुशवाहा,आरक्षक संजय जोनवार,आरक्षक मुकेश की विशेष भूमिका रही, जिनकी तत्परता एवं समर्पण से यह सफलता प्राप्त हुई। जिला पुलिस सागर आमजन से अपील करती है कि अवैध शराब, हथियार अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।






