

बलौदा बाजार नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 02 में करोड़ों रुपये की लागत से बनी भव्य चौपाटी अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। 19 जनवरी को इसके लोकार्पण को लेकर नगर में उत्सव जैसा माहौल है। आर्केस्ट्रा, रोशनी और मंचीय कार्यक्रमों के बीच मंत्री और सांसद की मौजूदगी में भव्य आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर हैं।
लेकिन इस चमक-दमक के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे नगर की राजनीति में हलचल मचा दी है।
अपने ही वार्ड में पार्षद “अतिथि” भी नहीं!
जिस वार्ड में यह चौपाटी बनी है, उसी वार्ड के युवा आदिवासी पार्षद श्री अमितेश नेताम को उद्घाटन कार्यक्रम में वह सम्मान नहीं दिया गया, जो परंपरागत रूप से संबंधित पार्षद को मिलता आया है।
आमंत्रण पत्र में उनका नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्ज करने के बजाय, उन्हें नगर के अन्य सामान्य पार्षदों की सूची में शामिल कर दिया गया।
परंपरा टूटी, सवाल उठे
नगर में इससे पहले जितने भी उद्घाटन या भूमिपूजन कार्यक्रम हुए हैं, उनमें संबंधित वार्ड के पार्षद का नाम आमंत्रण कार्ड और शिलापट्ट के मुख्य पृष्ठ पर प्रमुखता से दर्ज किया जाता रहा है।
लेकिन इस बार यह परंपरा टूटती नजर आई — और निशाने पर आए युवा आदिवासी पार्षद।
चुप नहीं बैठे पार्षद, खोला मोर्चा
इस कथित अनदेखी से आहत पार्षद श्री अमितेश नेताम ने चुप रहने के बजाय सीधे कलेक्टर से शिकायत कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि एक आदिवासी जनप्रतिनिधि की उपेक्षा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
राजनीतिक रंग लेने लगा मामला
अब यह मामला सिर्फ एक उद्घाटन कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। नगर में चर्चा है कि क्या यह सत्ता की अनदेखी है या जानबूझकर किया गया राजनीतिक संदेश?
युवा आदिवासी पार्षद के समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं और कार्यक्रम के आयोजन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
👀 अब सबकी नजर प्रशासन पर
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर इस शिकायत पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या उद्घाटन से पहले आमंत्रण सूची में कोई संशोधन होता है या नहीं।
फिलहाल, भव्य उद्घाटन से पहले भव्य विवाद ने बलौदा बाजार की राजनीति को गरमा दिया है।
