यूपी सरकार 11 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करने जा रही है। इससे पहले पिछले बजट के खर्च का लेखा-जोखा सामने आया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत कुल बजट 8,65,079.46 करोड़ रुपये में से सरकार महज 4,70,835.97 करोड़ रुपये यानी करीब 54.42 प्रतिशत राशि ही विभागों को जारी कर सकी। हालांकि जारी की गई राशि में से विभागों ने लगभग 4,28,495.95 करोड़ रुपये, यानी 91 प्रतिशत खर्च कर लिया।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित समीक्षा के चलते जारी धनराशि के उपयोग में तेजी रही, लेकिन कुल बजट का बड़ा हिस्सा अब भी जारी नहीं हो सका। रिपोर्ट के मुताबिक पेंशन और भत्तों के मद में 100 प्रतिशत भुगतान किया गया, जबकि स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और कुछ विकास योजनाओं में अपेक्षाकृत कम खर्च हुआ।
चुनावी साल को देखते हुए 2026–27 के बजट से जनता को कई उम्मीदें हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पेश होने वाला यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं और चुनावी रणनीति का संकेत देगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए बजट में किन क्षेत्रों को ज्यादा तवज्जो मिलती है।