महराजगंज। रिजर्व पुलिस लाइन महराजगंज में भव्य पासिंग आउट (दीक्षांत) परेड सम्पन्न
कुल 396 रिक्रूट आरक्षियों ने ली दीक्षांत परेड की शपथ
रिजर्व पुलिस लाइन महराजगंज के परेड ग्राउंड में रिक्रूट पुरुष आरक्षियों की प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत भव्य पासिंग आउट परेड (दीक्षांत समारोह) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में श्रीमान् जिलाधिकारी महोदय संतोष कुमार शर्मा जनपद महराजगंज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर शिष्टाचार मुलाकात की गई। तथा प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन द्वारा बैच लगाकर स्वागत किया गया।
परेड निरीक्षण एवं सलामी-
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी महोदय द्वारा परेड की सलामी ली गई तथा परेड का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान द्वारा टोली/वार्ड, टर्न-आउट एवं समग्र प्रस्तुति का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। रिक्रूट आरक्षियों के उत्कृष्ट टर्न-आउट, अनुशासन, कदमताल एवं समन्वय की सराहना करते हुए इसे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम बताया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सम्मान-
दीक्षांत परेड के दौरान विभिन्न अन्तः एवं वाह्य विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को सम्मानित किया गया।
अन्तः विषय में प्रथम रि0आ0 रजनीश पाण्डेय व वाह्या विषय में प्रथम रि0आ0 विपिन पाण्डेय को सम्मानित किया गया।
सर्वांग सर्वोत्तम-
रिक्रूट आरक्षी रजनीश पाण्डेय (1247/1500 अंक)
अन्य प्रमुख श्रेणियों शारीरिक प्रशिक्षण, शस्त्र प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, भीड़ नियंत्रण, यातायात, योगासन, आतंकवाद/डकैती निरोधक एवं विशेष तलाशी अभियान में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट्स को पुरस्कृत किया गया।
परेड कमांडर-
प्रथम परेड कमांडर – रि0आ0 विशाल सिंह
द्वितीय परेड कमांडर – रि0आ0 विपिन पाण्डेय
तृतीय परेड कमांडर – रि0आ0 संदेश प्रकाश
शपथ ग्रहण- दीक्षांत परेड के दौरान रिक्रूट पुरुष आरक्षियों को देश की एकता, अखंडता एवं संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई गई, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से कर सकें।
अधिकारियों के संबोधन-
पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए आत्मरक्षा कौशल, विधिक ज्ञान एवं अनुशासन को अब व्यवहारिक जीवन में लागू करना अत्यंत आवश्यक है। यह बैच पुलिस बल की कार्यक्षमता को और सुदृढ़ करेगा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनसेवा एवं संवेदनशील पुलिसिंग-
रिक्रूट आरक्षियों को पीड़ित केंद्रित पुलिसिंग (Victim Centric Policing) अपनाने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या का समाधान संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ किया जा सके।
आधुनिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण-
यह भी अवगत कराया गया कि रिक्रूट आरक्षियों को साइबर अपराध, डिजिटल तकनीक एवं आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे बदलते समय की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी नवप्रशिक्षित आरक्षियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक, प्रशिक्षण इकाई के अधिकारी/कर्मचारीगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।