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रैयत विस्थापित मोर्चा के आंदोलन का विरोध करेगा राजधर साईडिंग के विस्थापित ग्रामीण।। राजधर साइडिंग से विस्थापित हुए कनौदा,बहेरा और राजधर के रैयतो की बैठक मे लिया गया निर्णय

रैयत विस्थापित मोर्चा के आंदोलन का विरोध करेगा राजधर साईडिंग के विस्थापित ग्रामीण।।

राजधर साइडिंग से विस्थापित हुए कनौदा,बहेरा और राजधर के रैयतो की बैठक मे लिया गया निर्णय

संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी

खलारी। सीसीएल पिपरवार क्षेत्र के राजधर रेलवे साईडिंग निर्माण से विस्थापित हुए ग्राम मौजा बहेरा,राजधर एवं कनौदा के संयुक्त विस्थापित रैयतों की बैठक हुई।बैठक की अध्यक्षता महेश विश्वकर्मा और संचालन जाहिद अली और बिरेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से किया।सर्वप्रथम बैठक में रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले सात सूत्री मांगो को लेकर दिये जा रहे बयान की निंदा की गई एवं मोर्चा के आंदोलन का पुरजोर तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया गया।बैठक को संबोधित करते हुए ग्रामीणो ने कहा कि कुछ लोग अपने नीजि स्वार्थ को लेकर मोर्चा की आड़ मे राजधर साईडिंग के विस्थापित रैयतो के अधिकारो पर हमला करने का काम कर रहा है,जिससे मोर्चा की छवि धुमिल हो रही है।ग्रामीणो ने कहा कि राजधर साइडिंग में ट्रांसपोर्टिंग व लोडिंग का कार्य रैयत विस्थापित द्वारा ही किया जा रहा है।साइडिंग में सैंपलिंग,मुंशी,लोडर, ऑपरेटर,लोडर हेल्फर, क्रॉसिंग गार्ड एवं अन्य प्रकार का कार्य यहां के रैयत विस्थापित प्रभावित लोग ही कर रहे है।राष्ट्र निर्माण को लेकर पिपरवार कोल खनन एवं राजधर साइडिंग निर्माण में अपनी भूमि देकर भूमिहीन हुए रैयत अपने हक अधिकार जैसे नौकरी, मुआवजा,भूखंड लेने में खुद सक्षम है और खुद ही प्रबंधन से अपना हक लड़ के लिया है।यहां के विस्थापित रैयतो को किसी भी मोर्चा का समर्थन नहीं चाहिए।अपने हक अधिकार के लिए रैयत किसान खुद अपने मजबूत एकता से एक मोर्चा है।ग्रामीणो ने कहा कि राजधर साइडिंग को खुले हुए 8 वर्ष हो गया है और इन आठ सालों में सीसीएल पिपरवार प्रबंधन ने प्रदूषण के रोक थाम के लिए सार्थक पहल किया है।साथ ही ट्रांसपोर्टर द्वारा पानी का छिड़काव समय समय पर किया जाता है।ग्रामीणो ने कहा कि साईडिंग से जुड़े रैयतों को कोई भी परेशानी नहीं हो रही है और रैयत विस्थापित मोर्चा के कुछ लोग अपना रोटी सेकने के लिए लोकल विस्थापित द्वारा हो रहे  साइडिंग में कार्य को बाहरी एजेंसी को साइडिंग में ट्रांसपोर्टिंग लोडिंग के नाम पर काम दिलाना चाहते है और यहां के विस्थापित रैयतो को उनके अधिकार से वंचित करना चाहते है,जिसे किसी भी कीमत मे बर्दाश्त नही किया जाएगा।बैठक में ग्रामीणो ने एक स्वर मे कहा कि यदि मोर्चा द्वारा राजधर साइडिंग में जोर जबरदस्ती का आंदोलन एंव बंदी किया गया तो यहां के विस्थापित ग्रामीण रैयत इसका खुलकर विरोध करेगा।बैठक मे सभी रैयतो से एकजुट रहने की अपील की।बैठक मे कासिम उर्फ मुन्ना,बासुदेव प्रसाद, फहीम रजा,महेश विश्वकर्मा, जाहिद अली,खुर्शीद आलम, मोहम्मद अनवर,मोहम्मद नौशाद,विरेन्द्र उंराव,मोहम्मद शेरू सहित राजधर साइडिंग निर्माण में विस्थापित हुए ग्राम मौजा बहेरा,राजधर एंव कनौदा के रैयत विस्थापित प्रभावित लोग मौजुद थे।

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