
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, मंगलवार 13 जनवरी 2026, नागपुर
======> प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे ने आगामी वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों के लिए यात्री किराए और आरक्षण संबंधी नियमों की घोषणा कर दी है। छोटी और मध्यम दूरी के मार्गों पर चलने वाली मौजूदा वंदेभारत चेयर कार सेवाओं के उल्टे, वंदेभारत स्लीपर एक्सप्रेस कई सौ किलोमीटर लंबी यात्राओ के लिए उपयुक्त है, इसे एक प्रीमियम सेवा के रूप में पेश किया गया है। अधिसूचित नियमों के अनुसार वंदेभारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर होगा इसमे भले ही वास्तविक यात्रा इससे कम हो। जीएसटी को छोड़कर आधार किराया एसी3 टियर के लिए रू 2•4 प्रति किमी , एसी2टियर के लिए रू 3•8 प्रति किमी तय किया गया है। इसके अनुसार 400 किमी तक की यात्रा पर न्यूनतम किराया 960 रू, 1,240 रू, तथा 1,520 रू हो सकता है जिसमे जीएसटी अलग से लगेगा। जानकारी अनुसार दूरी बढ़ने के साथ टिकिट की कीमत भी बढ़ेंगी और लंबे रेल मार्गों पर राजधानी एक्सप्रेस की ट्रेनों की अपेक्षा इनकी दरें अधिक हो सकती है जो इस सेवा कई प्रीमियम स्थिति को भी उजागर करती है। वंदेभारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के टिकिट केवल पूरी तरह से पुष्टि की गई सीटों के रूप में ही बेची जायेंगी जिसमें कि आरएसी या प्रतीक्षा की सूची कोई प्रावधान नहीं रहेगा। इसमे सभी सीटें अग्रिम आरक्षण अवधि के पहले ही जारी कर दी जायेंगी। वरिष्ठ नागरिकों महिलाओं दिवयांगजनो और ड्यूटी पास धारकों के लिए सीमित कोटा लागू होगा। जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने 09 जनवरी 2026 को जारी किए गए परिपत्र में कहा कि वंदेभारत स्लीपर में टिकिट बुकिंग के लिए केवल पूर्ण रूप से प्रतिपूर्ति योग्य पास, वारंट और इसी तरह के दस्तावेज ही स्वीकार किए जायेंगे। रियायती टिकिट और गैर प्रतिपूर्ति योग्य पास मान्य नहीं होगे। जानकारी अनुसार वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों को 180 किमी प्रतिघंटे के हिसाब से चलाने के लिए तैयार किया गया है। मौजूदा रेल पटरियों पर 130 किमी प्रतिघंटे के हिसाब से से चलाने की उम्मीद है। इसमे एसी प्रथम श्रेणी एसी2टियर एसी3टियर की सीटें उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, अत्याधुनिक शौचालय, बेहतर सस्पेंशन, व्यक्तिगत रीडिंग लाइट तथा मोबाईल चार्जिंग पाइंट भी रहेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली वंदेभारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन की सेवा हावड़ा और गुवाहाटी के पास कामाख्या के बीच करीब एक हजार किमी की दूरी तक चलाये जाने की योजना बनाई गई है।




