
इटावा, उत्तर प्रदेश:
बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव में एक भागवताचार्य और उनके सहयोगियों के साथ कथित जातीय अपमान और जबरन बाल कटवाने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पीड़ितों से जाति पूछकर बाल काटना, नाक रगड़वाना और इलाके की “शुद्धि” कराना न केवल अमानवीय है, बल्कि संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इस कृत्य को व्यक्ति की गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा पर सीधा हमला बताया।
🔴 अखिलेश यादव की मांगें:
दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी
सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए
तीन दिन के भीतर ठोस कार्रवाई
यदि ऐसा नहीं होता, तो अखिलेश यादव ने “मान-सम्मान की रक्षा” के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि समाज के हर उस वर्ग का है जो अपमान और भेदभाव का शिकार होता है।
📹 वायरल वीडियो से हुआ खुलासा:
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें कथित अभद्रता और अमानवीय व्यवहार को देखा जा सकता है। इसी वीडियो को अखिलेश यादव ने भी साझा किया है।
👉 प्रशासन पर दबाव बढ़ा:
घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस घटना की निंदा की है और न्याय की मांग की है।
📌 यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, सामाजिक संवेदनशीलता और समानता के अधिकार का भी है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।



