



सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *पंडित दीनदयाल महाविद्यालय सागर में छात्रों में राष्ट्रचेतना, आत्मविश्वास एवं नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से एक युवा जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा सागर, नवांकुर संस्था अभिनयतोष महिला बाल विकास समिति, मप्र जनअभियान परिषद, एफपीआई प्रोजेक्ट सागर तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय सागर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के महान संन्यासी, दार्शनिक एवं युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानंद जी एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी को नमन करते हुए उनके ओजस्वी विचारों, अद्भुत व्यक्तित्व एवं युगांतकारी कृतित्व पर आधारित व्याख्यान माला आयोजित की गई।कार्यक्रम में अतिथि के रूप में डॉ सरोज गुप्ता प्रिंसिपल पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय विवेकानंद केंद्र के नगर प्रमुख चंद्रप्रकाश शुक्ला, डॉ रविन्द्र सिंह ठाकुर डॉ राणा कंजर सिंह डॉक्टर सुरेंद्र सिंह यादव उपस्थित रहे ,कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चंद्र प्रकाश शुक्ला नगर प्रमुख ने विवेकानंद जी के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद जी केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए ऊर्जा, आत्मबल और राष्ट्रनिर्माण के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विवेकानंद जी के जीवन के वह तीन दिन 25 26 27 दिसंबर एवं विभिन्न संस्मरणों को व्यक्त करते हुए कहा की स्वामी जी ने हम सभी को मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण की और अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया हैं l उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए कहा हम सब जोश, शक्ति, ताकत, उत्साह, उमंग बहुत है, परंतु आज की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए युवाओं को अनुशासित होना बहुत जरूरी है, सहायक प्राध्यापक डॉ राणा कंजर सिंह ने कहा अगर युवा अनुशासित है तो वह अपना समाज और राष्ट्र का विकास कर सकता हैं, उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वामी जी के पदचिह्नों पर चलकर आत्मविश्वास, अनुशासन, सेवा भावना और चरित्र निर्माण को अपने जीवन का आधार बनाएं।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। यदि विद्यार्थी उनके आदर्शों को आत्मसात कर लें, तो वे न केवल एक सफल नागरिक बन सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने स्वामी जी के प्रेरक कथन उठो जागो और तब तक मत रुको जबतक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये डॉ सुरेन्द्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में कहा अपनी बात रखते हुय आज हम समाज का आधुनिक रूप से निर्माण तो कर रहे हैं लेकिन हम मनुष्यता और अपने चरित्र का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं जिससे युवाओं के मौलिक मूल्यों का पतन निरन्तर होता जा रहा हैं सभी ने पूरे मनोयोग से व्याख्यानों को सुना और स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरणा ग्रहण की कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ रविंद्र सिंह ठाकुर ने करते हुए कहा की हमें स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है। स्वामी जी ने हमें अपने राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया हैं lकार्यक्रम का समापन राष्ट्रनिर्माण, युवा सशक्तिकरण के संकल्प के साथ एवं सभी छात्र छात्राओं द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।








