

शाहपुरा
स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले शाहपुरा के वीर क्रांतिकारियों की स्मृति में अब उनकी गौरवगाथा को संरक्षित किया जाएगा। शाहपुरा में 4 करोड़ की लागत से ‘बारहठ परिवार पैनोरमा’ का निर्माण कराया जाएगा। यह घोषणा शनिवार को कोटा विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में आयोजित महान क्रांतिकारी प्रताप सिंह भारत की जयंती समारोह के दौरान राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने की।
लखावत ने बताया कि यह पैनोरमा न केवल बारहठ परिवार के बलिदान की अमर गाथा को जीवंत रखेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोटा में भी 1 करोड़ की लागत से स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में स्मारक का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोटिवेशनल स्पीकर राजवीर सिंह चलकोई ने प्रताप सिंह बारहट के क्रांतिकारी जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस तरह इस परिवार ने आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया।
समारोह में डिविजनल कमिश्नर राजेंद्र सिंह शेखावत, विधायक संदीप शर्मा, पूर्व महापौर महेश विजय, पूर्व कुलपति प्रो. हाकम दास, खादी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष पंकज मेहता, और वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शक्ति सिंह परिहार कन्यालाल धाकड़ सहित कई गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे।
समारोह में विभिन्न सम्मान भी प्रदान किए गए:
वीर माता मानिक कंवर को नारी शक्ति वंदन सम्मान
उमा रतनु को प्रताप सिंह भारत स्वाभिमान सम्मान
शहीद करणवीर सिंह (सतना, म.प्र.) को जोरावर सिंह बारहठ पराक्रम सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सुरेंद्र सिंह मोगा को मरणोपरांत सम्मान
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री द्वारा केसर सिंह भारत के पैतृक गांव ‘देवखेड़ा’ को ‘धरोहर ग्राम’ घोषित किया गया है। इसे विकसित करने की कार्य योजना पर तेजी से काम चल रहा है।







