इतवाउत्तर प्रदेशगोरखपुरबस्तीलखनऊसिद्धार्थनगर 

“शिक्षक या गालीबाज? सिद्धार्थनगर के पीपल्स इंटर कॉलेज में गुरुजी ने लांघी मर्यादा, छात्रों को दीं मां-बहन की गालियां”

"सिद्धार्थनगर: पीपल्स इंटर कॉलेज के 'बदतमीज' शिक्षक का वीडियो वायरल, क्या विभाग करेगा ऐसे प्रवक्ता पर कार्रवाई?"

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। शिक्षा के मंदिर में अभद्रता: सिद्धार्थनगर के पीपल्स इंटर कॉलेज में शिक्षक ने छात्रों को दीं भद्दी गालियां, वीडियो वायरल।।

सिद्धार्थनगर।। जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित पीपल्स इंटर कॉलेज से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है। यहाँ तैनात नागरिक शास्त्र (सिविक्स) के प्रवक्ता मुकेश पटेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्लासरूम के भीतर छात्रों को मां-बहन की भद्दी गालियां देते और अमर्यादित आचरण करते नजर आ रहे हैं।

जानवर की आवाज निकालने पर भड़के गुरुजी

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बीते कल की बताई जा रही है। क्लासरूम में किसी छात्र द्वारा कथित तौर पर ‘जानवर की आवाज’ निकालने से शिक्षक मुकेश पटेल इस कदर आपे से बाहर हो गए कि उन्होंने गुरु-शिष्य की परंपरा को ताक पर रख दिया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि शिक्षक छात्रों को न केवल गालियां दे रहे हैं, बल्कि उनके साथ बेहद बदतमीजी से पेश आ रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और सरकार बदलने की बात

​हैरानी की बात यह है कि शिक्षक केवल गालियों तक ही सीमित नहीं रहे। वायरल वीडियो में वह स्कूल परिसर के भीतर ही राजनैतिक टिप्पणी करते और ‘सरकार बदलने’ जैसी बातें करते भी सुनाई दे रहे हैं। एक शिक्षक द्वारा शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की बयानबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

​इस वीडियो के वायरल होने के बाद से शिक्षा जगत और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि जिस शिक्षक पर छात्रों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी है, अगर वही गाली-गलौज और अभद्रता पर उतर आए, तो बच्चे क्या सीखेंगे?

मुख्य बिंदु:

  • स्थान: पीपल्स इंटर कॉलेज, डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।
  • आरोपी शिक्षक: मुकेश पटेल (प्रवक्ता, नागरिक शास्त्र)।
  • मामला: छात्रों को गालियां देना और अमर्यादित राजनैतिक टिप्पणी।

कार्रवाई का इंतजार

​वीडियो सामने आने के बाद अब बड़ा सवाल जिला शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर है। क्या ऐसे ‘बदतमीज’ और ‘गालीबाज’ शिक्षक के खिलाफ कोई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी? फिलहाल, शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की चुप्पी और उनकी अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Back to top button
error: Content is protected !!