
चित्रसेन घृतलहरे, 08दिसम्बर 2025//नगर पंचायत सरसीवां में आज सर्वदलीय महाविद्यालय संघर्ष समिति के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर साफ कहा कि प्रस्तावित महाविद्यालय का निर्माण केवल सरसीवां में ही हो, क्योंकि यहीं जनसंख्या, सुविधाएँ और पहुँच बेहतर है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने सरसीवां में महाविद्यालय निर्माण की घोषणा की थी। प्रस्ताव भी लगभग अंतिम चरण तक पहुँच गया था, लेकिन “कुछ राजनीतिक दबावों” और “प्रशासन के सौतेले रवैये” के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
धोबानी में निर्माण का निर्णय बना विवाद का कारण
धरने में शामिल लोगों ने जानकारी दी कि नई बीजेपी सरकार बनने के बाद पता चला कि सरसीवां में प्रस्तावित महाविद्यालय को हटाकर दूरस्थ ग्राम धोबानी में निर्माण के लिए जगह चिन्हित की गई है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार:
धोबानी में न तो आवागमन की उचित सुविधा है न स्वास्थ्य सुविधा न ही छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण ऐसे में उनका कहना है कि वहाँ कॉलेज बनना छात्रों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनेगा।
क्यों सरसीवां ही उपयुक्त स्थान?
धरने में वक्ताओं ने कहा कि:
सरसीवां बड़ी आबादी वाला व्यापारिक केंद्र है
मूलभूत सुविधाएँ पहले से मौजूद हैं
परिवहन व बाजार व्यवस्था बेहतर
छात्र-छात्राओं के लिए रहने, पढ़ने और आने-जाने की पूरी सुविधा
इसी कारण वर्षों पहले कॉलेज के लिए सरसीवां का चयन हुआ था।
कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नगरवासी और क्षेत्र की जनता शामिल हुई।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष – नीतीश बंजारे
कांग्रेस जिला अध्यक्ष – ताराचंद देवांगन
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष – दिलीप अनंत,दयाराम खुराना
भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष,नगर पंचायत सरसीवां के पार्षद रेशम कुर्रे, रतन लहरे एवं पार्सद गण
सभी ने एक स्वर में मांग उठाई कि महाविद्यालय सरसीवां में ही बनाया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
संघर्ष समिति ने कहा कि अगर शासन-प्रशासन जल्द निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।











