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सौभाग्य प्राप्ति का पर्व हरतालिका तीज

हिन्दू धर्म में मनाए जाने वाला एक प्रमुख पर्व है

वंदेभारतलाइवटीव न्युज नागपुर रविवार 24 अगस्त 2025-: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को प्रतिवर्ष हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। हरतालिका तीज का व्रत एक कठिन व्रत माना जाता है। हरतालिका तीज पर महिलाएं निर्जला उपवास करके अपने पति की लंबी आयु सुख सौभाग्य की कामना करती हैं। भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान भोलेनाथ शिव और माता पार्वती के विशेष पूजन किया जाता है। हरतालिका तीज का यह व्रत कुमारी और सौभाग्यशाली स्त्रियां किया करती हैं।हरतालिका तीज का व्रत पूजन निराहार निर्जला रहकर किया जाता है। मान्यतानुसार इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती जी ने भगवान भोलेनाथ शिव को अपने पति के रूप में पाने के किया था। हरतालिका तीज व्रत पूजन से महिलाओं को सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म के अनुसार विशेषकर सुहागिन महिलाओं के लिए इस पर्व का ज्यादा महत्व होता है। इस बार भाद्रपद मास की तृतीया तिथि हरितालिका तीज 26 अगस्त मंगलवार को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार हरतालिका तीज को सबसे बड़ा तीज माना जाता है। हरियाली और कजरी तीज के समान ही हरतालिका तीज पर भी गौरी शंकरी जी की पूजा अर्चना की जाती है। हरितालिका तीज पर महिलाएं चौबीस घंटे का निर्जला व्रत करती हैं । रात के समय महिलाएं जागरण भी करती हैं और अगले दिन सुबह विधिवत रूप से पूजा वंदना के बाद व्रत का पारण करती हैं। हरितालिका तीज व्रत करने से सुहागिन महिलाओं के पति की आयु लंबी होती है और कुवांरी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है, ऐसी मान्यता है। हरितालिका तीज का पर्व प्रमुख रूप से उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश में विशेष तौर पर मनाया जाता है। कर्नाटक और तमिनाडु आंध्रप्रदेश में हरितालिका पर्व को “गौरी हब्बा” नाम से जाना जाता है। इस बार हरितालिका तीज का व्रत 26 अगस्त मंगलवार को रखा जायेगा। जानकारी अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि की शुरुआत 25 अगस्त सोमवार को दोपहर में 12:34 बजे से होगी और इसका समापन 26 अगस्त मंगलवार दोपहर में 01-54 बजे होगा। हमारे हिन्दू धर्म के अनुसार उदया तिथि-सूर्योदय के समय पर जो तिथि रहती है, उसको मान्यता दी जाती है। इसके अनुसार 26 अगस्त मंगलवार को हरतालिका तीज का व्रत पर्व मनाया जायेगा। हरतालिका तीज का व्रत भी करवि चौथ जैसा ही रखा जाता है। इस व्रत में पानी नहीं पिया जाता है।।यह व्रत पूरी तरह से निर्जला रखा जाता है। व्रत के दौरान यदि सूतक लग जाए तो व्रत भी व्रत रख सकते हैं हरितालिका तीज के दिन रात में जागरण करके माता गौरी पार्वती और भगवान भोलेनाथ शिव जी की पूजा अर्चना वंदना करनी चाहिए।

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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