
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
हरिद्वार भूपतवाला सप्त सरोवर रोड स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर में साकेतवासी श्री महंत जगदीश दास जी महाराज की 37वीं पुण्यतिथि तथा स्व श्री रामदास म
हाराज की छःवी पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ एवं पंचकुंडीय श्री राम महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य रूप से परम पूज्य प्रातः स्मरणीय श्री महंत 1008 रामकुमार दास महाराज के पावन पतित सानिध्य में चल रहा है
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की पवित्र सुगंध और “जय श्री राम” के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु कथा श्रवण और यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस पावन अवसर पर श्री महंत 1008 प्रातः स्मरणीय रामकुमार दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल एक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए आदर्शों का दिव्य प्रकाश है। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने मर्यादा, सत्य, करुणा, त्याग और धर्मपालन का जो संदेश दिया, वही मानव जीवन को सफल और सार्थक बनाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव का प्रसार करें।श्री महंत विष्णु दास महाराज ने अपने पावन वचनों में कहा कि यज्ञ केवल अग्नि में आहुति देने का कार्य नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और द्वेष का त्याग करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने हृदय को निर्मल बनाकर प्रभु का स्मरण करता है, तभी सच्चे अर्थों में जीवन धन्य होता है।श्री महंत किशन दास जी महाराज ने अपने सुंदर और भावपूर्ण विचारों में भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि राम नाम से बढ़कर इस संसार में कोई दूसरा सहारा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से प्रभु श्रीराम का स्मरण करता है, उसके जीवन के समस्त दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं।
महामंडलेश्वर श्याम दास महाराज ने अपने ओजस्वी वचनों में कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें हमारे धर्म, संस्कार और परंपराओं में निहित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। अधिकारीस्वामी राघव दास महाराज ने अपने पावन विचारों में प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का मार्ग सेवा और समर्पण का मार्ग है। जो व्यक्ति दूसरों के दुख को अपना समझकर सेवा करता है, वही सच्चे अर्थों में भगवान की कृपा का पात्र बनता है।
पूरे आयोजन में संत-महात्माओं के पावन विचारों ने श्रद्धालुओं के हृदय को भक्ति रस से सराबोर कर दिया और मंदिर परिसर एक दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। यह भव्य धार्मिक आयोजन क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का अनुपम उदाहरण बन गया है। इस अवसर पर विशाल संत भंडारे का भी आयोजन किया गया संत महापुरुषों में श्री महंत विष्णु दास महाराज श्री महंत रघुवीर दास महाराज महंत हरेंद्र दास महाराज अधिकारी स्वामी राघव दास महाराजमहंत हरिदास महाराज महंत सीताराम दास महाराज महामंडलेश्वर मधुसूदन दास महाराज स्वामी वृंदावन दास महाराज यजमान फूलजी भाई पटेल अहमदाबाद मनोज भाई पटेल नौ दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ एवं पांच कुण्डीय श्री राम महायज्ञ के आयोजन पर संत महापुरुषों ने अपने पावन दिव्य वचनों की वर्षा की












