
हाथरस पुरदिलनगर
कस्बे में 150 वर्षो से लगा आ रहा ललिता मैया के मेले में हरवर्ष की भांति इस बार भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई पुरदिलनगर द्वारा आयोजित नि:शुल्क पानी के शिविर का शुभारंभ फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर समाजसेवी देवा वार्ष्णेय ने किया।

समाजसेवी देवा वार्ष्णेय जी का नगर इकाई द्वारा पगड़ी माला पाटिका पहनकर सभी कार्यकर्ताओं में सम्मान किया इस मेले में काफी दूर-दराज से लोग आते हैं और यह मेला ललिता गेट पर ललिता मैया की जात के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर सुधांशु आर्य,अखिल वार्ष्णेय,जयंत चौधरी गोलू द्विवेदी,दुष्यंत द्विवेदी,कृष्णकांत आर्य,कन्हैया आर्य, नरेंद्र चौहान,राहुल कश्यप,अमन नागर,आकाश नागर आदि कार्यकर्ता मौजूद पुरदिलनगर
कस्बे के ऐतिहासिक ललिता गेट स्थित माँ ललिता देवी मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ ‘जातीय मेले’ का शुभारंभ हुआ। होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार से शुरू होने वाले इस मेले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मान्यता है कि माँ ललिता देवी के दरबार में हाजिरी लगाने से संतान सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है। मेले के पहले दिन श्रद्धालु महिलाओं ने बड़ी संख्या में दूर-दराज के गांवों से आकर माँ के चरणों में मत्था टेका। माताओं ने अपने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। यह विशेष मेला होली के बाद प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होता है और अगले दो महीने तक निरंतर चलता रहेगा। देश के दो प्रमुख शक्तिपीठों में से एकधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे भारतवर्ष में माँ ललिता देवी के केवल दो ही प्रमुख मंदिर हैंनैमिषारण्य नीमसार पुरदिलनगर यहाँ की मान्यता इतनी प्रबल है कि लोग केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों से भी माँ का आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं।भीड़ और सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और शांति व्यवस्था बनी रहे
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