
“हायटेंशन लाईन पोल,तथा,पावर हाऊस के बहाने मागासवर्गीय सुशिक्षित बेरोगार का व्यवसाय बंद कर,
उसी जगह पूंजीवादी को स्थानिक प्रशासन द्वारा बहुमजली ईमारत बानाने का परमिशन.”
गौरमतल यह है,महाराष्ट्र अकोला,शिवणी उपनगरमे मागासवर्गीय सुशिक्षित बेरोजगार द्वारा शेत सर्वे 4/7मे अपनीही जगह पर डीलक्स टुरिंग टॉकीज नामक (सरकारी परवाना ) लेकरही व्यवसाय चालु किया गया था,दस कर्मचारी के साथ साथ अनेक लोगोको अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा था,साथ मे करमणुक विभाग को करमणुक कर भी दिया जा रहा था, पर महाराष्ट्र विद्युत वितरण महामंडल द्वारा टॉकीज के संचालक को हायटेंशन पोल,तथा ईलेक्ट्रिक पावरहाउस के समीप होने का कारण आगे कर,तथा नागरिक के जान का कारण बताकर ,नोटीस देकर व्यवसाय बंद कर दिया,आज दस कर्मचारी और उनके परीवार रस्ते पर आ गये है. लेकीन उसी सेत,सर्वे4/1मे लोटस पार्क नामक प्रोजेक्ट450 घर, बहुमजली ईमारत बनाने का, संम्मधित विभाग जिल्हाधिकारी कार्यालय अकोला, अकोला महानगर पालिका अकोला,म.रा.विद्युत महामंडल,सम्बंधित पर्यावरण कार्यालय द्वारा जनता के हरकत को नकार,जनता का कोईभी संज्ञान न लेते हूवे परमिशन दे दिया गया है,सरकार रोजगार नही देती,बैंक लोन नही देती ,ऐसेमे सुशिक्षित बेरोजगार करे तो क्या करे,क्या महाराष्ट्र सरकार,मानवाधिकार कार्यालय,मुंबई ऐसे भेदभाव वाली निती का संग्यान लेकर सम्मंधित विभाग पर कार्यवाही करेगी,यह देखने,और समझने वाली बात है.




