
।। दीपोत्सव 2025: दीयों का ठेका गया ‘प्रतिभा प्रेस एंड मल्टीमीडिया प्रा० लि०’ के नाम, कुम्हारों के हिस्से बस अंधेरा।।
अयोध्या।
दीपोत्सव की रोशनी इस बार सरकारी टेंडर से तय होगी, मिट्टी के चाक से नहीं।
जयसिंहपुर के कुम्हारों के आँगन में सन्नाटा है — मिट्टी सूख गई, चाक थम गया, और उम्मीदें सरकारी नोटिस बोर्ड पर टंगी रह गईं।
सूत्र बताते हैं कि दीयों का ठेका *प्रतिभा प्रेस एंड मल्टीमीडिया प्रा० लि०’ को दिया गया है — एक ऐसी कम्पनी जिसे न मिट्टी का ज्ञान है, न चाक का सम्मान। पर सरकारी दफ्तरों में यह कंपनी “प्रतिभा” के नाम पर चमक रही है और असली कुम्हार अंधेरे में अपनी रचनात्मकता का मातम मना रहे हैं।
पिछले साल जिन्होंने अयोध्या के घाटों को अपनी मेहनत की रौशनी से जगमगाया था, इस बार वही कुम्हार अपने अधूरे दीयों को देखकर सोचते हैं —क्या वाकई रामराज्य लौट आया है या सिर्फ उसका PR वर्ज़न?
💫 सरकार के लिए दीपोत्सव अब “ब्रांड इवेंट” है
जहाँ मिट्टी की खुशबू की जगह अब कॉर्पोरेट परफ्यूम बिखरा है।जयसिंहपुर के कुम्हारों के घरों में इस बार दीये नहीं जलेंगे। बस उनकी आँखों में बुझती लौ पूछेगी- क्या अब अयोध्या की मिट्टी भी टेंडर से बिकेगी?














