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उन्नाव सदर कोतवाली में महिला दारोगा का विवादित बयान— “ऐ बूढ़ा, इतने जूते मारूँगी कि शक्ल भूल जाओगी…

तुम्हें बाप के नौकर नहीं!”, वीडियो और बयान पर उठे गंभीर सवाल, जनता में भय का माहौल!

उन्नाव सदर कोतवाली में महिला दारोगा का विवादित बयान— “ऐ बूढ़ा, इतने जूते मारूँगी कि शक्ल भूल जाओगी… तुम्हें बाप के नौकर नहीं!”, वीडियो और बयान पर उठे गंभीर सवाल, जनता में भय का माहौल!🚨

उन्नाव से 30 नवंबर 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली, वर्दी के सम्मान और आम जन के सुरक्षा–विश्वास पर गहरा आघात किया है। मामला उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ एक वृद्ध नागरिक और पुलिस अधिकारी के बीच हुई बहस के दौरान महिला दारोगा ने आपा खोते हुए सार्वजनिक रूप से अत्यंत अपमानजनक और धमकी भरा बयान दे दिया।

बयान देने वाली अधिकारी की पहचान सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक उमा अग्रवाल के रूप में हुई है। वृद्ध से हुई बहस के दौरान उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा—
“ऐ बूढ़ा, इतने जूते मारूँगी कि शक्ल भूल जाओगी… तुम्हारे बाप के नौकर नहीं हैं!”

यह वाक्य जैसे ही सार्वजनिक हुआ, वहां मौजूद लोगों ने इसे मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही घंटे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया। वीडियो में वृद्ध व्यक्ति सहमा हुआ दिखाई दे रहा है और स्थानीय नागरिक दबी आवाज़ में यह कहते सुने गये—
“मित्र पुलिस के इसी रूप से हमें डर लगता है!”

जनता में उपजा डर, व्यवस्था पर उठे सवाल

इस बयान के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। लोगों का कहना है—

  • “अगर वर्दी वाले ही respect (सम्मान) भूल जाएँ, तो आम आदमी किसके भरोसे सुरक्षित रहेगा?”
  • “देरी, बहस या शिकायत का जवाब अपमान और धमकी से दिया जाएगा, तो न्याय कौन देगा?”

नागरिकों का यह भी कहना है कि कानून व्यवस्था बनाने वालों से हमें “संवाद और सुरक्षा” की उम्मीद होती है, “जूते की धमकी और अभद्र व्यवहार” की नहीं।

प्रशासनिक संज्ञान की मांग

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब जनपद के जिम्मेदार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग उठ रही है कि—
✅ ड्यूटी पर मर्यादा भंग करने, सार्वजनिक अपमान, धमकी और असंतुलित व्यवहार पर जांच हो
✅ वृद्ध नागरिकों और आम जनता के साथ संवाद शालीन और भरोसे योग्य बनाया जाए
✅ ऐसे व्यवहार पर विभागीय सुधारात्मक और दंडात्मक कदम उठाए जाएँ

खबर रिपोर्ट—

✍🏼 रिपोर्ट: एलिक सिंह — संपादक, वंदे भारत लाइव टीवी 

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