उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊसिद्धार्थनगर 

।।‌ मौत के सौदागरों को नहीं किसी का भय, खुलेआम चल रहा नशे का कारोबार।।

।। सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौरा बाजार स्थित फैजापुर में अवैध गांजा बिक्री का शर्मनाक खेल ।।

अजीत मिश्रा (खोजी)। बस्ती मंडल 

।। सिद्धार्थनगर चिल्हिया थाना क्षेत्र में अवैध गांजा बिक्री जोरों पर।।

14 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के गौरा बाजार स्थित फैजापुर में अवैध गांजा बिक्री का शर्मनाक खेल फिर बेनक़ाब। जिम्मेदारों की संलिप्तता से परोसा जा रहा है ‘मौत का ज़हर’। मौत के सौदागरों को नहीं किसी का भय, खुलेआम चल रहा नशे का कारोबार। कम उम्र के लड़कों को लगाई जा रही है नशे की लत। सूत्रों का दावा — नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा है यह धंधा। बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से बिक रहा है गांजा। स्थानीय लोगों का सवाल—आख़िर बिना लाइसेंस के कैसे खुली सड़क पर बिक रहा है गांजा? पुलिस और जिम्मेदार आखिर कब करेंगे कार्रवाई? बड़ा सवाल— क्या फैजापुर में नशा माफिया बेखौफ हैं और कानून बेबस? इलाके में बढ़ती अवैध नशे की बिक्री से लोगों में गहरा आक्रोश।

सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र में अवैध गांजा बिक्री का मामला सामने आया है, जहां गौरा बाजार स्थित फैजापुर में खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों की संलिप्तता से यह धंधा चल रहा है, और नाबालिग बच्चों से भी यह काम कराया जा रहा है। गांजा बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश है ।

इस मामले में स्थानीय लोगों ने कई बार पुलिस को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि पुलिस इस मामले से अनभिज्ञ नहीं है, और प्रशासन के संरक्षण में यह धंधा फल-फूल रहा है । सिद्धार्थनगर में अवैध गांजा बिक्री के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, और पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी की है। लेकिन अभी भी यह धंधा जारी है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।

यह जानकारी गंभीर चिंता का विषय है। यदि सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र में, विशेषकर गौरा बाजार स्थित फैजापुर में, अवैध गांजे की बिक्री और उसमें नाबालिगों की संलिप्तता के आरोप सही हैं, तो यह कानून-व्यवस्था और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों के लिए एक बड़ा खतरा है।

चूंकि यह मामला सीधे तौर पर अवैध गतिविधि और संभावित पुलिस संलिप्तता से जुड़ा है, इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि या जांच आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों और मीडिया के पास इस तरह की गतिविधियों की रिपोर्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करने के विभिन्न माध्यम हैं।

इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर स्थानीय मीडिया रिपोर्टिंग अक्सर प्रशासन पर दबाव बनाती है। यदि रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सत्य हैं, तो यह स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे तत्काल जांच करें और अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

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