

बलौदाबाजार, 6 मार्च 2026।
शुक्रवार तड़के बलौदाबाजार के पुराने तहसील कार्यालय में अचानक लगी आग से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों और दमकल टीम की तत्परता के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और सबसे राहत की बात यह रही कि महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज सुरक्षित निकाल लिए गए।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 4 बजे पुराने तहसील कार्यालय के एक किनारे में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें रिकॉर्ड रूम के कुछ हिस्सों तक पहुंच गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम और सीमेंट संयंत्र की दमकल टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर, लिया स्थिति का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही जिले के कलेक्टर कुलदीप शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि यह भवन केवल प्रशासनिक महत्व का ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी है, इसलिए इसकी सुरक्षा और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्सों के मरम्मत और पुनरुद्धार के लिए शीघ्र प्राक्कलन तैयार करने तथा तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
ऐतिहासिक भवन में 1907 से संचालित है तहसील कार्यालय
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह तहसील भवन वर्ष 1907 में लगभग 851 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित किया गया था और लंबे समय से प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में आग की घटना ने प्रशासनिक तंत्र को चिंतित कर दिया।
बताया गया कि आग की शुरुआत पुराने एसडीओपी कार्यालय की ओर से हुई थी, जो धीरे-धीरे तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड रूम और नायब तहसीलदार कोर्ट की दिशा में फैलने लगी। दमकल टीम की त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया।
पुराने सरकारी भवनों की होगी व्यापक जांच
घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला मुख्यालय और सभी विकासखंड मुख्यालयों में स्थित पुराने शासकीय भवनों की विद्युत वायरिंग की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और सुरक्षा प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान दिव्या अग्रवाल, अवध राम ठंडन, प्रकाश कोरी सहित तहसीलदार निवेश कोरी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रशासन की तत्परता से टली बड़ी क्षति
समय रहते आग पर नियंत्रण होने से बड़ा नुकसान टल गया। यदि आग तेजी से फैलती तो वर्षों पुराने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज नष्ट हो सकते थे।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि पुराने सरकारी भवनों की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।











