कांग्रेसी युवा नेता शाहीन ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार व युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को लेकर जताई चिंता।

कांग्रेसी नेता शाहीन शम्स ने बढ़ते नशे के कारोबार व युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को लेकर जताई चिंता।
तावड़ू। सोहना-तावड़ू विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय कांग्रेस युवा नेता शाहीन शम्स ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और यही स्वस्थ समाज की नींव है, लेकिन हरियाणा आज नशे के गंभीर संकट से जूझ रहा है।
शाहीन शम्स ने कहा कि हष्ट-पुष्ट किसानों और हरे-भरे खेत-खलिहानों की पहचान रखने वाला हरियाणा आज चिट्टा, लाल-परी और गांजे जैसे नशे की चपेट में है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक हरियाणा राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो और जिला पुलिस ने ड्रग तस्करों के खिलाफ करीब 3,051 मामले दर्ज किए और 4,500 से अधिक गिरफ्तारियां कीं, जो स्थिति की भयावहता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कई जिलों में पुलिस की ढिलाई के चलते ग्रामीणों को खुद ही कमेटियां बनाकर अपने गांवों की निगरानी करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से मदद नहीं मिल रही है और पकड़कर पुलिस को सौंपे गए संदिग्धों को किसी न किसी आधार पर छोड़ दिया जाता है। गांवों के बुजुर्ग पुलिसिया भ्रष्टाचार को युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बता रहे हैं, वहीं नशे के कारण चोरी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। जो लोग गांव की सुरक्षा के लिए आगे आ रहे हैं, उन्हें संदिग्ध तत्वों द्वारा धमकियां भी दी जा रही हैं।शाहीन शम्स ने कहा कि यह समस्या केवल असमान आर्थिक बदलाव की उपज नहीं है, बल्कि ड्रग तस्करों का जाल शहरों की झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर गांवों तक फैल चुका है। इसका समाधान ग्रामीण स्तर पर संभव नहीं है, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। ग्रामीण चाहते हैं कि युवाओं को खेलों से जोड़ा जाए, भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और सीमावर्ती राज्यों से नशे की आपूर्ति पर रोक लगे।
उन्होंने कहा कि इसी नाकामी को उजागर करने और सरकारी तंत्र को जगाने के लिए कांग्रेस के साथी, विशेषकर गुड़गांव ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव प्रयासरत हैं, जो एक सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने भी अपने क्षेत्र में इसी उद्देश्य से एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराया था। अंत में उन्होंने कहा कि युवा ही समाज का धन हैं, कल के निर्माता हैं और बुजुर्गों की लाठी हैं, यदि इन पर नशे की दीमक लगेगी तो पूरा समाज भरभरा कर गिर जाएगा।
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