मौसम अपडेट: भादौ में सावन के महीने में धूप… कई दुकानों में बारिश का कोटा अधूरा

तेजकुमार जारवाल जिला रिपोर्टर / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / मध्यप्रदेश में मानसून सीजन अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। सितंबर का आधा महीना बीत चुका है और मानसून की विदाई में करीब 15 दिन बाकी हैं।
प्रदेश में अब तक औसत बारिश का 88 फीसदी पानी बरस चुका है। हालांकि, बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा।
कुछ इलाकों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई जिले अभी भी बारिश के औसत आंकड़े से पीछे हैं। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
वहीं इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में अब तक बारिश का कोटा पूरा नहीं हो पाया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है।
15 सितंबर से कमजोर पड़ा बारिश का सिस्टम,
पिछले चार दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर जारी था। इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई।
सोमवार को भी प्रदेश के कुछ जिलों में पानी बरसा। हालांकि, 15 सितंबर से बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है। पूर्वी हिस्से में बेहतर बारिश, पश्चिमी जिलों में कमी
इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिमी हिस्से की तुलना में बेहतर रहा है।
जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। निवाड़ी में औसत से 49 फीसदी, मऊगंज में 44 फीसदी, सतना में 34 फीसदी और मैहर में 29 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से कम है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में भी बारिश की कमी
पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी कुछ इलाकों में बारिश औसत से कम रही है।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में करीब 2 से 25 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश होने से इन जिलों के आंकड़ों में सुधार हुआ है।
कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी, जिसका असर मानसूनी आंकड़ों पर दिखाई दिया। इसके बावजूद सोमवार तक पूर्वी हिस्से में कुल बारिश का आंकड़ा करीब एक फीसदी कम रहा।
पश्चिमी एमपी के कई जिले बारिश से पिछड़े
पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं रहा। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से करीब 2 से 49 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
मानसून के अंतिम 15 दिनों में होने वाली बारिश अब प्रदेश के कई जिलों के मौजूदा आंकड़ों में बड़ा बदलाव ला सकती है। खासकर कम बारिश वाले जिलों में आने वाले दिनों की बारिश पर किसानों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







