मध्यप्रदेश में मक्का खरीदी में घोटाले का खुलासा… बिना खरीदी के किसानों को किया भुगतान

तेजकुमार जारवाल जिला रिपोर्टर / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / इंदौर मध्य प्रदेश /
मध्यप्रदेश के देवरीकलां में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। भारत सरकार की इथेनॉल उत्पादन योजना के तहत हुई मक्का खरीदी में 343 मीट्रिक टन मक्का की खरीदी से संबंधित दस्तावेज तैयार कर 17 किसानों के बैंक खातों में कुल 76 लाख 31 हजार 750 रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है।
मामले में पुलिस ने रहली से गांधी वार्ड निवासी अतिशय जैन, पिता अवधेश जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद 19 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पोर्टल पर अपलोड किए गए खरीदी के दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में मक्का से इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत NCCF के दिल्ली मुख्यालय की ओर से एकता कंपनी को पोर्टल और खरीदी पार्टनर के तौर पर नियुक्त किया गया था।
मक्का खरीदी के लिए एकता कंपनी ने फूड गार्ड फार्मर प्रोसेसिंग कंपनी लिमिटेड नाम से FPO का पंजीयन कराया था। FPO के डायरेक्टर मनीष पटेल ने खरीदी से जुड़े कार्य के लिए अतिशय जैन को नियुक्त किया था।
पुलिस का आरोप है कि आपसी मिलीभगत के जरिए पोर्टल पर 343 मीट्रिक टन मक्का की खरीदी से संबंधित दस्तावेज अपलोड किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर 17 किसानों के बैंक खातों में 76 लाख 31 हजार 750 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
वेयरहाउस में नहीं मिला एक भी दाना
मामले में फर्जीवाड़े का संदेह उस समय गहराया, जब NCCF की ओर से मक्का खरीदी का भौतिक सत्यापन कराया गया। अनुबंध के अनुसार खरीदी गई मक्का का भंडारण शांडिल्य वेयरहाउस में किया जाना था।
जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मक्का का कोई भंडारण नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक निर्धारित मात्रा तो दूर, वेयरहाउस में मक्का का एक भी दाना मौजूद नहीं था।
इसके बाद खरीदी से संबंधित दस्तावेज और भुगतान की प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई। मोबाइल से दस्तावेज अपलोड करने की जांच
देवरी थाने के उपनिरीक्षक समरथ सीनम के अनुसार पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक ये दस्तावेज FPO डायरेक्टर मनीष पटेल के मोबाइल से अपलोड किए गए थे। जांच में पोर्टल की लॉगिन आईडी और OTP साझा किए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि दस्तावेज अपलोड करने और भुगतान की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी। चार आरोपियों के खिलाफ केस, एक गिरफ्तार
उपनिरीक्षक समरथ सीनम के मुताबिक मामले में कुल चार आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है।
इनमें अतिशय जैन को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ के जरिए कथित फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कागजों में दिखाई गई 343 मीट्रिक टन मक्का वास्तव में कहीं खरीदी गई थी या नहीं। इसके अलावा 17 किसानों के खातों में पहुंची रकम, पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज, लॉगिन और OTP के इस्तेमाल तथा पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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