भूमि विवाद में कार्रवाई के लिए रिश्वत का आरोप, कुदरा अंचल कार्यालय सवालों के घेरे में

कुदरा/कैमूर। कुदरा अंचल कार्यालय में भूमि विवाद से जुड़े मामले में रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। एक पीड़ित ने राजस्व कर्मी और प्रधान लिपिक पर कार्रवाई से संबंधित कागजात आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित सूर्यकांत त्रिपाठी के अनुसार, उनका विवादित जमीन को लेकर मामला चल रहा है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत की थी। बताया गया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कुदरा अंचल कार्यालय को भूमि विवाद के कारण शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।
पीड़ित का आरोप है कि अंचल कार्यालय में पदस्थ राजस्व कर्मी ने जांच प्रतिवेदन आगे बढ़ाने के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। आरोप के मुताबिक, उक्त राशि दिए जाने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद मामले में अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक बाढ़ु राम द्वारा भी कथित तौर पर पैसे की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित ने बताया कि प्रधान लिपिक को कथित रूप से रिश्वत की राशि देने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी के फोन-पे से संबंधित नंबर पर 500 रुपये ऑनलाइन भेजे। उनका दावा है कि ऑनलाइन भुगतान करने के करीब दो मिनट बाद ही धारा 144 की अनुशंसा से संबंधित कागजात उनके व्हाट्सऐप पर भेज दिए गए। पीड़ित ने इस लेन-देन और व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेज को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए जांच की मांग की है।
पीड़ित सूर्यकांत त्रिपाठी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से रिश्वत मांगने वाले कर्मियों की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अन्य आवेदकों ने भी लगाए आरोप
मामले के सामने आने के बाद अंचल कार्यालय में काम कराने आने वाले कुछ अन्य आवेदकों ने भी राजस्व संबंधी कार्यों में कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए हैं। कुछ आवेदकों का आरोप है कि राजस्व कर्मियों द्वारा काम कराने के लिए निजी सहयोगियों को रखा गया है, जिनके माध्यम से कथित रूप से पैसे की मांग की जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसडीएम ने कहा—शिकायत की जांच जारी
मामले को लेकर मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि प्रधान लिपिक के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंचल कार्यालय में रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने के बाद अब जांच की रिपोर्ट पर नजर है। खास तौर पर ऑनलाइन भुगतान और उसके बाद व्हाट्सऐप पर भेजे गए कागजात की समय-सीमा समेत पूरे घटनाक्रम की जांच में भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
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