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अरहर की खेती से आत्मनिर्भरता की मिसाल बना किसान एक एकड़ में 10 क्विंटल उत्पादन, दाल बनाकर बेची तो 1.31 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा

27 Sep 2026, 08:11 PM • Vande Bharat Live TV News
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अरहर की खेती से आत्मनिर्भरता की मिसाल बना किसान एक एकड़ में 10 क्विंटल उत्पादन, दाल बनाकर बेची तो 1.31 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा - आगर-मालवा, मध्य प्रदेश

आगर-मालवा। खेती में नवाचार और सही तकनीक का उपयोग किसान की आय बढ़ाने में किस तरह मददगार हो सकता है, इसकी मिसाल आगर विकासखंड के ग्राम आबाखेड़ी के किसान रोहित शर्मा ने पेश की है। कृषि विभाग की योजना के तहत अनुदान पर मिले अरहर की भीमा किस्म के बीज से उन्होंने एक एकड़ में खेती की। करीब 150 से 160 दिन में फसल तैयार हुई और 10 क्विंटल अरहर का उत्पादन मिला। खास बात यह रही कि किसान ने दानों को सीधे बेचने के बजाय पारंपरिक 'धोब विधि' से दाल तैयार कर उसका मूल्य संवर्धन किया।

100 किलो दाने से मिली 70 किलो दाल

कृषि अधिकारियों के मार्गदर्शन में रोहित शर्मा ने प्रति एकड़ 6 किलोग्राम बीज की दर से बुवाई की। फसल में समय-समय पर जैविक औषधियों एवं खादों का उपयोग किया। सतत निगरानी के चलते फसल कीट एवं रोग से सुरक्षित रही और पौधों में फलियों की संख्या भी अच्छी रही। उत्पादन के बाद दानों को सुखाकर ग्रामीण क्षेत्र में प्रचलित पारंपरिक धोब विधि से दाल तैयार की गई। इस प्रक्रिया में 100 किलो अरहर के दानों से करीब 70 किलो दाल प्राप्त हुई।

जैविक हाट में 240 रुपए किलो बिकी दाल

तैयार दाल का विक्रय आगर के जैविक हाट में 240 रुपए प्रति किलो की दर से किया गया। इस तरह 10 क्विंटल अरहर के दानों से 7 क्विंटल दाल तैयार हुई, जिसकी कुल बिक्री 1 लाख 68 हजार रुपए रही।

36 हजार की लागत, 1.31 लाख का शुद्ध लाभ

किसान के अनुसार एक एकड़ में खेती की लागत 23,900 रुपए आई। वहीं दाल तैयार करने में मूल्य संवर्धन की लागत 12,200 रुपए रही। इस तरह कुल लागत 36,100 रुपए हुई। 1 लाख 68 हजार रुपए की कुल आय में से लागत घटाने पर किसान को एक एकड़ में 1 लाख 31 हजार 900 रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

किसान रोहित शर्मा ने इस सफलता का श्रेय कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन और तकनीकी सलाह को देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण बताता है कि परंपरागत कृषि उपज में मूल्य संवर्धन कर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।नोट: मूल प्रेस विज्ञप्ति में “प्रति एकड़ 1.31 का मुनाफा” है; खबर में इसे स्पष्ट रूप से 1 लाख 31 हजार 900 रुपए शुद्ध लाभ के रूप में रखा गया है।

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