नलखेड़ा/आगर-मालवा। मां बगलामुखी मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने को लेकर रविवार को प्रबंध समिति एवं मां बगलामुखी भक्त मंडल के सदस्यों व जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई। अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर-नलखेड़ा श्रीमती देव कुंवर सोलंकी की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सदस्यों ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, हवन कुंडों की संख्या बढ़ाने, शौचालय एवं सुविधाघर, साफ-सफाई, विद्युत व जनरेटर, स्वच्छ पेयजल, पुलिस चौकी, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और पार्किंग को सुगम बनाने सहित 10 बिंदुओं पर सुझाव एवं मांगें रखीं। मंदिर प्रबंध समिति में अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया।
हादसे की कार्रवाई की भी मांगी जानकारी
बैठक में सदस्यों ने नलखेड़ा में पिछले दिनों हुए दर्दनाक हादसे को लेकर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी। सदस्यों के सुझावों और मांगों के बाद एसडीएम ने संबंधित बिंदुओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार बिंदु क्रमांक 1 से 9 तक की व्यवस्थाओं एवं कार्यों को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच रिपोर्ट आने तक पटवारी मंदिर कार्यों से अलग
बैठक के बाद एसडीएम श्रीमती देव कुंवर सोलंकी ने बताया कि नलखेड़ा घटना की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने तथा आगामी आदेश तक प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से पटवारी ग्राम डोकरपुरा को मां बगलामुखी मंदिर से संबंधित सभी कार्यों से तत्काल प्रभाव से पृथक रखा गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
बैठक में मां बगलामुखी भक्त मंडल के 14 सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें रोहित सकलेचा, विजय सोनी, नरेंद्र वेदिया, दिलीप खंडेलवाल, अशोक गुप्ता (खंडेलवाल), किशोर सिंह राजपूत, राधेश्याम भालोट, कैलाश राठौर, विपीन पाटनी, पवन वेदिया, हिरालाल यादव गोयल, रितेश सोनी, मनोहरलाल पंडा एवं देवेंद्र शास्त्री शामिल रहे।