आगर-मालवा। आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे आपदा मित्रों के सात दिवसीय प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र के पांचवें दिन शनिवार को प्रतिभागियों को रोप रेस्क्यू सहित विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आपदा मित्रों से ग्रुप बनाकर रेस्क्यू तकनीकों का प्रैक्टिकल भी कराया गया।
प्रशिक्षण की शुरुआत सैनिक 1032 अकील खान ने दौड़, शारीरिक व्यायाम, पीटी, परेड एवं योग-सूर्य नमस्कार से कराई। प्रतिभागियों को नियमित व्यायाम और योग से होने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई।
रस्सी से अस्थायी पुल बनाना सीखा
जिला सैनानी होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन आगर-मालवा श्री विक्रम बी. सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में उज्जैन से आए कंपनी कमांडर दिलीप बामनिया ने आपदा मित्रों को रोप और रोप क्लाइम्बिंग की विभिन्न विधियां समझाईं। इसके साथ ही रोप रेस्क्यू की तकनीक बताते हुए रस्सियों की मदद से अस्थायी पुल तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद प्रतिभागियों को समूहों में बांटकर स्वयं अस्थायी पुल बनाने और रोप रेस्क्यू का अभ्यास कराया गया।
हाईराइज बिल्डिंग से रेस्क्यू का अभ्यास
द्वितीय सत्र में उज्जैन से आए प्लाटून कमांडर पुष्पेंद्र त्यागी ने आपदा मित्रों को हाईराइज बिल्डिंग से रोप स्लाइडिंग और रोप रेस्क्यू की तकनीक का प्रशिक्षण दिया। फोल्डिंग स्ट्रेचर की सहायता से आपदा में घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों से समूहवार अभ्यास कराया गया, ताकि आपात स्थिति में वे रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से अंजाम दे सकें।
प्रशिक्षण में कंपनी कमांडर श्रीमती सोलंकी सहित होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन की टीम का सहयोग रहा। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा मित्रों को आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है।