नागपुर जिले में कम बारिश से जलसंकट गहराता दिख रहा है

इस वर्ष बारिश के मौसम में मानसून के कमजोर होनें,और कम बारिश के चलते जिले में संभावित जल संकट गहराता हुआ दिख रहा है। जानकारी अनुसार इस वर्ष नागपुर जिले में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, इससे जलाशयों में भी जल भंडार कम है।.कमजोर मानसून और कम बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निकट भविष्य में पानी की कमी को रोकने के लिए एहतियातन उपाय भी तेज कर दिए हैंव प्राप्त जानकारी अनुसार कम बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल स्रोतों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए भूजल निकालने पर रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार पेयजल स्रोत से करीब पांच सौ मीटर के दायरे में पेयजल के अतिरिक्त अन्य दूसरे कार्यों के लिए कुआं आदि खोदने की अनुमति नहीं दी जायेगी, इसके अतिरिक्त निर्देशों में कहा गया कि यदि सूखाग्रस्त गांव में पानी की टैंकरों पर पहले से विकल्प के तौर पर निर्भर रहने के बदले में तुरंत वैकल्पिक उपायों को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। जानकारी अनुसार जलसंकट से निपटने के लिए तहसील और जिला स्तर पर कृति प्रारूप तैयार कर के सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल को सुरक्षित रखने के लिए भूमिगत जल निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, टैंकर शुरू करने से पहले कुओं की मरम्मत, निजी कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण, जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत, उपाध्यक्ष जल स्रोतों को मजबूत करना, जल की अनावश्यक बर्बादी को रोकने, पानी की लीकेज रोकने, गंदे जल का पुन: उपयोग, पशुओं के लिए चारा शिविर, पानी की व्यवस्था, टैंकर से जलापूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता दी जायेगी ।.जानकारी अनुसार बारिश की कमी ,जलस्रोतों की स्थिति और उपलब्ध जल को ध्यान में रखते हुए संभावित जलसंकट ग्रस्त गांवों ओर बस्तियों की सूची तैयार की जायेगी,और इन सूचियों के आधार पर आवश्यक उपाय करनें की पूरी तैयारी की जायेगी । फिलहाल नागपुर जिले में पानी किल्लत नहीं की परिस्थिति नहीं है, प्रमुख जलाशयों और बांधों में अभी पर्याप्त संतोषजनक जल भंडार हैं, विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन समय में जलसंकट न हो इसके लिए संभावित जलसंकट ग्रस्त गांवों की जानकारी एकत्रित की जा रही है, और शासन, प्रशासन के निर्देशानुसार उपयोक्ताओं भी की जा रहीं है।
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