मां शारदा देवी मेला में प्रशासन एवं कमेटी की संभवतः सांठ,गांठसे अवयवस्था भरपूर शिकायत की कोई गुंजाइश नही

मैहर
मां शारदा धाम मैहर में क्वार नवरात्रि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर मां के दरबार में पहुंच रहे हैं, लेकिन मेला क्षेत्र के लाल गेट मार्ग पर फैली गंदगी और सड़क पर बहता नाली का दूषित पानी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले चार दिनों से सड़क पर नाली का गंदा पानी बह रहा है, लेकिन अब तक न तो नगर पालिका मैहर और न ही मंदिर प्रबंधन समिति ने इस समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि मां शारदा के दर्शन के लिए पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्नान-ध्यान कर, हाथों में प्रसाद लिए और मन में मां के प्रति अटूट श्रद्धा लेकर पहुंच रहे भक्तों को रास्ते में गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है, बल्कि स्वच्छता और संक्रमण के खतरे को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। बड़े बड़े गड्ढों में मलमा डलवाना भी उचित नहीं समझा
नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर जब मेला क्षेत्र में स्वच्छता और सुगम आवागमन की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए, तब मुख्य मार्ग पर चार दिनों से नाली का दूषित पानी बहना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। क्या प्रशासन के अधिकारी गणो की आस्था बिल्कुल नहीं है मंदिर आते बिल्कुल नहीं देखते या प्रशासन के साथ साथ मदिर कमेटी भी कर रही अनदेखी
रोपवे की व्यवस्था पर जोर, पैदल भक्तों की परेशानी कौन सुनेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के दौरान रोपवे की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन पैदल मार्ग से मां के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की परेशानियों पर भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। बड़ी संख्या में भक्त पैदल ही मां के दरबार तक पहुंचते हैं। इनमें ऐसे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो सीमित संसाधनों के बीच कठिन यात्रा कर मां के दर्शन के लिए आते हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि रोपवे और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, तो पैदल मार्ग की सफाई, नाली के पानी की निकासी और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? मां के दरबार तक पहुंचने वाले हर भक्त की सुविधा महत्वपूर्ण है, चाहे वह किसी भी माध्यम से दर्शन करने जा रहा हो।
नगर पालिका और मंदिर समिति की जवाबदेही पर सवाल
लाल गेट मार्ग पर चार दिनों से नाली का गंदा पानी बहने की स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है। मेला क्षेत्र की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नगर पालिका तथा संबंधित प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल होनी चाहिए। ऐसे में दोनों जिम्मेदार संस्थाओं से जवाबदेही की अपेक्षा की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका मैहर, मंदिर प्रबंधन समिति और जिला प्रशासन से मांग की है कि लाल गेट मार्ग पर तत्काल सफाई कराई जाए, नाली के दूषित पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए, ताकि दूसरे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आस्था के मेले में स्वच्छता की कोई गुंजाइश नहीं
क्वार नवरात्रि मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मैहर की पहचान और मां शारदा के प्रति लाखों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है। शासन-प्रशासन की मंशा है कि श्रद्धालु सुगमता, सुरक्षा और भक्तिभाव के साथ दर्शन करें। इस उद्देश्य की पूर्ति तभी संभव है, जब रोपवे सहित सभी व्यवस्थाओं के साथ पैदल मार्गों की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर भी बराबर ध्यान दिया जाए।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग लाल गेट मार्ग पर बह रहे नाली के दूषित पानी की समस्या का तत्काल समाधान कर श्रद्धालुओं को राहत देते हैं या फिर भक्तों को इसी गंदगी के बीच से गुजरने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा। मां के दरबार में स्वच्छता और श्रद्धा दोनों का सम्मान होना चाहिए।
मैहर ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा
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