हरियाणा महिला आयोग की सदस्य वैशाली तोमर ने किया महिला जेल का निरीक्षण

हरियाणा महिला आयोग की सदस्य वैशाली तोमर ने किया महिला जेल का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा। नूंह, 15 अक्टूबर।
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य वैशाली तोमर ने नूंह में महिला बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और महिला बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, खानपान, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है।
वैशाली तोमर ने कहा कि महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रिया दर्शनी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार निरीक्षण किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई तथा उपलब्ध व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की भी जांच की गई।
उन्होंने बताया कि महिला बंदियों से बातचीत के दौरान साफ-सफाई, भोजन की व्यवस्था, नियमित चिकित्सा जांच, योगाभ्यास तथा परिजनों से बातचीत जैसी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। महिला बंदियों ने बातचीत में उपलब्ध व्यवस्थाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के अवसर पर पूजा-पाठ सहित धार्मिक गतिविधियों के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। बंदियों को अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिल रहा है।
समय-समय पर निरीक्षण से बढ़ती है जवाबदेही
वैशाली तोमर ने कहा कि जेलों सहित विभिन्न संस्थानों में समय-समय पर निरीक्षण होना आवश्यक है। इससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है, अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े विषयों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। क्रोध में लिया गया गलत निर्णय जीवनभर का पछतावा बन सकता है
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे क्रोध, आवेश और आक्रामकता में आकर कोई ऐसा निर्णय न लें, जिसके कारण उन्हें जीवनभर पछताना पड़े।
उन्होंने कहा कि जेल जाना किसी भी व्यक्ति के लिए सुखद स्थिति नहीं होती। इसलिए समाज में जागरूकता, आपसी सद्भाव और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देना जरूरी है।
युवाओं को भी अपने व्यवहार और निर्णयों के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए, ताकि वे कानून का पालन करते हुए बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दे सकें। वैशाली तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के साथ-साथ युवाओं, बुजुर्गों, खिलाड़ियों और समाज के अन्य वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संबंधित विभागों एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक महिला बंदी को नियमानुसार मानवीय गरिमा के अनुरूप सुविधाएं मिलें और व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी होने पर उसे दूर किया जा सके।
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