आगर-मालवा, 15 अक्टूबर। सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिले तो रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुद का व्यवसाय खड़ा करना आसान हो सकता है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से आगर-मालवा के लाभार्थी देवी सिंह परमार को खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए 29 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। इससे उन्हें अपना उद्यम शुरू करने के लिए आर्थिक संबल मिला है।
*पत्नी के नाम स्वीकृत हुई खाद्य प्रसंस्करण इकाई*
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई सफलता की इस कहानी में देवी सिंह परमार ने बताया कि उनकी खाद्य प्रसंस्करण इकाई पत्नी वंदना परमार के नाम से स्वीकृत हुई है। योजना के अंतर्गत इकाई के लिए कुल 29 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। शासन के नियमानुसार पात्रता एवं स्वीकृति की शर्तों के अधीन ऋण से जुड़ी परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत, यानी लगभग 10 लाख रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है।
*स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर कदम*
देवी सिंह परमार के अनुसार, योजना से उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता का रास्ता मिला है। उन्होंने इस पहल को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताते हुए मध्यप्रदेश शासन और जिला प्रशासन आगर-मालवा के प्रति आभार व्यक्त किया।
*युवाओं से योजनाओं का लाभ लेने की अपील*
परमार ने जिले के अन्य युवाओं से भी अपील की कि वे सरकारी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रतानुसार उनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी सफलता की कहानियां स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करने का संदेश दे रही हैं।