मिलेनियम पब्लिक स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित, थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को ठगी से बचाव के बताए तरीके

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। नगर उंटारी स्थित मिलेनियम पब्लिक स्कूल में बुधवार को एक दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का नेतृत्व नगर उंटारी थाना प्रभारी अविनाश राज ने किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी ने AI वॉइस क्लोनिंग के जरिए होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बच्चों और उनके परिजनों की आवाज की हूबहू नकल कर फर्जी कॉल कर सकते हैं और आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे मांग सकते हैं। ऐसे कॉल या मैसेज आने पर घबराने के बजाय संबंधित परिजन को उनके वास्तविक मोबाइल नंबर पर सीधे फोन कर जानकारी की पुष्टि करें और बिना सत्यापन के किसी को पैसे नहीं भेजें।
उन्होंने कॉल स्पूफिंग से बचाव के लिए संदिग्ध कॉल आने पर फोन काटकर दोबारा उसी नंबर पर कॉल कर पुष्टि करने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया पर तस्वीरों के दुरुपयोग और उनके माध्यम से ब्लैकमेलिंग की घटनाओं से बचाव के लिए StopNCII.org टूल की जानकारी दी। विद्यार्थियों को फर्जी गेमिंग APK फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा अनजान स्रोतों से मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने से बचने की हिदायत दी गई।
थाना प्रभारी ने बताया कि मोबाइल में मौजूद संदिग्ध और अनधिकृत ऐप्स की पहचान एवं सफाई के लिए eScan Bot Removal टूल का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति से पैसे की मांग नहीं करती है। इसलिए ऐसे कॉल से डरने के बजाय सतर्क रहें और इसकी सूचना पुलिस को दें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जानकारी प्राप्त करने के लिए TAFCOP पोर्टल, चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन का IMEI ब्लॉक कराने के लिए CEIR पोर्टल तथा मैलवेयर और संदिग्ध ऐप्स से बचाव के लिए eScan Bot Removal टूल की उपयोगिता भी समझाई गई।
अंत में थाना प्रभारी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित बैंकिंग माध्यमों से ठगी की राशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई संभव हो सकती है। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत MRM के माध्यम से पीड़ित को ठगी की राशि वापस दिलाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
थाना प्रभारी ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
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