दीपावली महोत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा, रंगोली और दीप सजावट ने मोहा मन

संवाददाता अखिलेश कुमार विश्वकर्मा श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, श्री बंशीधर नगर में दीपावली के पावन अवसर पर दीपावली महोत्सव एवं भव्य पूजा-अर्चना कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक आस्था के रंगों से सराबोर नजर आया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी।
महोत्सव के अवसर पर विद्यालय में रंगोली, दीप सजावट एवं तोरण निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियां बनाकर तथा दीपों और तोरणों को सुंदर ढंग से सजाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की कलाकृतियों और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण के स्वरूप में सजे नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी रहे। उनकी आकर्षक वेशभूषा ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
वहीं, पूजा-अर्चना के दौरान भगवान गणेश एवं माता लक्ष्मी की आरती की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने भक्तिमय वातावरण में ‘श्री रामचंद्र कृपालु भज मन’ का सस्वर गायन किया। इससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिरस में डूब गया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह, निदेशक मनीष कुमार सिंह, उपनिदेशक युवराज सिंह एवं प्राचार्य रविश प्रजापति ने दीपावली के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, सदाचार, प्रेम, भाईचारे और सद्भावना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। साथ ही अपने जीवन में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्राचार्य रविश प्रजापति ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के अज्ञान, अहंकार और नकारात्मकता को दूर कर ज्ञान, विवेक, प्रेम एवं मानवता का प्रकाश फैलाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन बच्चों को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मिट्टी के दीये जलाने के साथ जरूरतमंदों के बीच 11 मिट्टी के दीये दान करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि त्योहार हमें अपनी संस्कृति और मूल परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की।
इस प्रकार विद्यालय में आयोजित दीपावली महोत्सव उत्सव, भक्ति, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का सुंदर संगम बनकर सामने आया। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी गईं।
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