चाहलका पहाड़ की अरावली में कूड़ा डंपिंग पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

चाहल्का पहाड़ में अरावली में कूड़ा डंपिंग पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई।
तावडू। उपमंडल के गांव चाहल्का के पहाड़ में अरावली क्षेत्र में चोरी-छुपे रात के अंधेरे में कूड़ा-कचरा फेंकने और उसे जलाने के मामले को लेकर गुरुग्राम और नूंह वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कड़ा संज्ञान लिया है। वन विभाग की टीम ने यहां कूड़ा-कचरा ले जाने वाले रास्तों को जेसीबी मशीन से अवरुद्ध कर दिया है।
शुक्रवार को कूड़े के ढेर में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिस पर फायर ब्रिगेड बुलाकर आग को बुझाया गया। इस घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
इस संदर्भ में गुरुग्राम सोहना रेंज अधिकारी खजान सिंह ने बताया कि अरावली पहाड़ में चोरी-छुपे कूड़ा-कचरा डंप करने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। ये कचरे से भरी गाड़ियां रात के अंधेरे में नूंह सीमा क्षेत्र से होते हुए पहाड़ के सोहना और गुरुग्राम सीमा में कचरा डंप कर रही थीं। सूचना मिलने पर टीम मौके पर गई। शुक्रवार को कचरे के ढेर में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसे फायर ब्रिगेड बुलाकर बुझा दिया गया और अब इन रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि ये कूड़े की गाड़ियां कहां से आती हैं। जानकारी मिली है कि इसे किसी औद्योगिक यूनिट में जलाने के लिए लाया जा रहा है, उसका भी पता लगाया जाएगा। साथ ही जो लोग इसमें आग लगा रहे हैं, उन्हें भी चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। अरावली पहाड़ के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चाहल्का पहाड़ में रात के अंधेरे में जो कूड़ा-कचरा फेंका जाता है, वे गाड़ियां पहले नूंह रोड स्थित एक पेपर मील में रीसाइक्लिंग के नाम पर लाई जाती हैं, लेकिन ज्यादा गीला होने पर वहां से रिजेक्ट कर दिए जाने के बाद इसे चोरी-छुपे रात में अरावली पहाड़ में फेंक दिया जाता है।
कुल मिलाकर अरावली पहाड़ को डंपिंग यार्ड बनाने की कोशिशों को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और अब रास्तों को अवरुद्ध कर निगरानी शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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