ग्रामीण महिलाओं के सपने को पंख दे रहा पिण्डारूच का खादी संस्थान
पिण्डारूच में खादी कताई प्रशिक्षणार्थियों को मिला प्रमाण पत्र, ग्रामीण हुनर को आगे बढ़ाने पर जोर
दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड स्थित पिण्डारूच गांव में खादी कताई को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक कौशल के संरक्षण की दिशा में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को अनादि फाउंडेशन के तत्वावधान में चलने वाले अनादि खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थान में आयोजित समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, पटना के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बहुद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र की ओर से किया गया था। एक अगस्त से 30 अगस्त तक चले पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में शामिल महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस उपलब्धि से प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। समारोह में मुख्य अतिथि अशोक सिन्हा का स्वागत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर श्रीश चंद्र चौधरी ने मिथिला चित्रकला से सुसज्जित पाग-दुपट्टा और रंगशिल्पी उपहार भेंट कर किया। इसके बाद वयोवृद्ध ग्रामीण शिवकांत झा, अवकाश प्राप्त शिक्षक ललन जी चौधरी तथा संस्थान की महिला सदस्य ममता राय ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अधिकारी प्रवीण सरिता, प्रशिक्षक महेश प्रसाद और डॉ. पूजा कुमारी को उपहार देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में अशोक सिन्हा ने जयप्रकाश नारायण के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि दस अक्टूबर को उन्होंने ग्राम निर्माण मंडल की स्थापना की थी। इस दिन आयोजित कार्यक्रम को उन्होंने जयप्रकाश नारायण के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर बताया। वहीं, शिवकांत झा ने लोगों से चरखा चलाने की परंपरा को जीवित रखने की अपील करते हुए कहा, “चरखा चालू रहे।” उनके इस संदेश पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर समर्थन जताया। संस्थान की सदस्या विनीता मिश्रा ने कहा कि आसपास की बुजुर्ग महिलाओं को चरखा चलाते देखकर उनके मन में भी इसे सीखने की इच्छा होती थी, लेकिन प्रशिक्षण की सुविधा नहीं मिलने से वह अपनी चाहत पूरी नहीं कर पा रही थीं। संस्थान ने उन्हें यह अवसर उपलब्ध कराया। संस्थान के संचालक प्रो. प्रदीप कांत चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य पिण्डारूच को देशभर में खादी के माध्यम से पहचान दिलाना है। उन्होंने बिहार में खादी प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान की भूमिका का भी उल्लेख किया। समारोह में भोगेन्द्र महतो, श्रीश चंद्र चौधरी, ललन जी चौधरी, विनता मिश्रा और ममता ठाकुर ने उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने खादी को ग्रामीण कौशल और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं से जोड़ते हुए प्रशिक्षण के विस्तार पर बल दिया। अंत में संस्थान की कोषाध्यक्ष डॉ. पूजा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन प्रो. प्रदीप कांत चौधरी ने किया। मौके पर ग्रामीणों, स्थानीय गणमान्य लोगों और समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
रिपोर्ट : सीतेश चौधरी (Editor)
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