महुली में दबंगई का नग्न नाच: शराब दुकान पर तांडव और मारपीट के मामले में तीन नामजद समेत चार पर मुकदमा दर्ज

अजीत मिश्रा (खोजी)
खाकी और कानून को ठेंगा: महुली क्षेत्र में दबंगई का नग्न नाच, शराब दुकान पर तांडव और मारपीट से सहमा इलाका
नाथनगर ब्लॉक के ग्राम काली जगदीशपुर की घटना, मुनीब से मारपीट और जानमाल की धमकी देने पर पुलिस ने की सख्त कार्रवाई।
मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: महुली थाना क्षेत्र के ग्राम काली जगदीशपुर स्थित शराब की दुकान।
- मुख्य आरोपी: आदित्य पाल (निवासी हलुआपार, थाना लालगंज, बस्ती), श्रवण बेलदार (निवासी नटवावर, थाना धनघटा), दिनेश चंद्र चौधरी (निवासी काली जगदीशपुर) तथा एक अन्य अज्ञात।
- मामला: शराब देने से मना करने पर दुकान के मुनीब राकेश राय के साथ बेरहमी से मारपीट और जान से मारने की धमकी।
- पुलिस कार्रवाई: दुकान के प्रोप्राइटर श्याम देव की तहरीर पर महुली पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानून का खौफ अपराधियों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है—यह बानगी महुली थाना क्षेत्र के ग्राम काली जगदीशपुर से सामने आई है, जहां दबंगों ने अपनी सनक और गुंडई के बल पर मानवता, कानून और व्यापारिक सुरक्षा की धज्जियां उड़ा दीं। यह सिर्फ एक मुनीब पर हमला नहीं है, बल्कि यह खुली चुनौती है उन तमाम व्यवस्थाओं को जो आम नागरिक की सुरक्षा का दम भरती हैं।
क्या थी वह खौफनाक रात?
घटना शुक्रवार रात करीब दस बजे की है। काली जगदीशपुर स्थित शराब की दुकान का मुनीब राकेश राय नियमानुसार अपनी दुकान समेट रहा था और शटर गिराने की तैयारी में था। तभी कुछेक गाड़ियों में सवार होकर दबंग आदित्य पाल अपने गुर्गों के साथ वहां पहुंचता है और दुकान खोलने का दबाव बनाने लगता है। जब मुनीब शालीनता से यह बताता है कि तय समय के बाद दुकान बंद हो चुकी है और अब शराब मिलना संभव नहीं है, तो तथाकथित रसूखदार और उनके गुर्गे भड़क उठे।
क्या कानून के नियमों का पालन करना एक ईमानदार कर्मचारी के लिए अपराध बन गया है? मुनीब के इनकार करते ही आरोपियों ने अपनी राक्षसी प्रवृत्ति का प्रदर्शन शुरू कर दिया। उसे बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा गया। जान बचाने के लिए जब वह दुकान के अंदर भागा, तो दबंग दुकान में घुस आए और वहां भी उसकी निर्ममता से पिटाई की गई। इतना ही नहीं, जाते-जाते उसे जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई, जो यह बताने के लिए काफी है कि इन बदमाशों के मन में खाकी का कितना खौफ है।
हद तो तब हो गई जब…
दरिंदगी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। जब लहूलुहान और सहमा हुआ मुनीब अपनी जान बचाकर घर की तरफ लौट रहा था, तो रास्ते में घात लगाए बैठे इन्हीं आरोपियों ने एक बार फिर उसे घेर लिया और दोबारा उसकी पिटाई की। यह कृत्य किसी मामूली कहासुनी का नतीजा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और खौफनाक तांडव था, जो यह साबित करता है कि इन तत्वों को कानून का कोई डर नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई और सवाल
गनीमत रही कि पीड़ित दुकानदार श्याम देव पुत्र स्व0 बलराम चौधरी ने हिम्मत जुटाई और थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए नामजद आरोपियों—आदित्य पाल पुत्र कैशलेन्द्र पाल सूर्यवंशी (निवासी हलुआपार, थाना लालगंज, बस्ती), श्रवण बेलदार पुत्र अभिराम बेलदार (निवासी नटवावर, थाना धनघटा), दिनेश चंद्र चौधरी पुत्र केदार नाथ चौधरी (निवासी काली जगदीशपुर)—तथा एक अन्य अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ मुकदमा दर्ज हो जाने से इन दबंगों के हौसले पस्त हो जाएंगे? आए दिन इस तरह की घटनाएं समाज में कानून-व्यवस्था की पोल खोलती हैं। यदि समय रहते इन उपद्रवियों की गिरफ्तारियां कर इनके अवैध हौसलों को कुचला नहीं गया, तो यह गुंडागर्दी आम जनता के लिए नासूर बन जाएगी। अब देखना यह है कि महुली पुलिस कितनी तेजी से इन नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाती है।
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