आगर-मालवा। विजयादशमी पर मध्यप्रदेश में इस बार शौर्य, शक्ति और राष्ट्ररक्षा के संकल्प के साथ शस्त्र-पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेशभर में शस्त्र-पूजन कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 अक्टूबर को इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे, वहीं आगर-मालवा जिले में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार इस आयोजन में शामिल होंगे।
शस्त्र-पूजन के लिए शासन ने विभिन्न जिलों में मंत्रियों को मुख्य अतिथि के रूप में नामांकित किया है। जिन जिलों में मंत्री शामिल नहीं होंगे, वहां कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शस्त्र-पूजन करेंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
*शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक है शस्त्र-पूजन*
विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन की परंपरा भारतीय संस्कृति, शौर्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के संकल्प से जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की थी। इसी परंपरा के तहत शस्त्रों को शक्ति, साहस, आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शस्त्र-पूजन देश की सैन्य शक्ति, सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह परंपरा शस्त्रों के सदुपयोग और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प को भी मजबूत करती है।
*घर-घर शस्त्र-पूजन की अपील*
राज्य शासन ने आम नागरिकों से भी विजयादशमी पर अपने-अपने घरों में शस्त्र-पूजन करने की अपील की है। आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को सौंपी गई है।