आगर-मालवा। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। भारत सरकार की भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में सोयाबीन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। पहले पंजीयन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर निर्धारित थी। किसानों के कम पंजीयन को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है, जिससे पंजीयन से वंचित किसानों को एक और मौका मिल सकेगा।
उपसंचालक कृषि गोपेश पाठक ने बताया कि प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर भुगतान योजना) के अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन पंजीयन की अवधि पहले 3 से 17 अक्टूबर तक तय की गई थी। अब किसान 24 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकेंगे।
*पंजीयन के साथ सत्यापन भी जरूरी*
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंजीकृत किसानों का सत्यापन भी 24 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। पूर्व में जारी अन्य आदेश यथावत रहेंगे।
कृषि विभाग की किसानों से अपील है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन का पंजीयन कराएं और पंजीयन के बाद सत्यापन की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करें, ताकि योजना के तहत लाभ लेने में परेशानी न हो।