रीतू बराला को न्याय दिलाने के लिए 19 अक्टूबर की शाम से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग।

जोधपुर ; शहर जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने बताया कि दिल्ली में राजस्थान की बेटी एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रीतू बराला के साथ हुई कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 19 अक्टूबर 2026 की शाम से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे हैं। रातभर कमिश्नरेट में रुकने के बावजूद 20 अक्टूबर को भी उनकी मांग पूरी नहीं होना बहुत ही शर्मनाक है।
शर्मा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने रीतू बराला को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जैसलमेर ओर जोधपुर का दौरा छोड़ देर रात धरनास्थल पर पहुँचे और नेताओं से मुलाकात की।
शर्मा ने बताया यह बेहद गंभीर विषय है कि एक महिला द्वारा कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को रातभर पुलिस कमिश्नरेट में बैठना पड़ रहा है। शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
घटना दूसरे राज्य की होने के आधार पर शिकायत दर्ज करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जीरो FIR नहीं करना क्या ये समझा जाए कि राजस्थान की बेटी रितु बराला को न्याय के लिए दर दर इसलिए भटकना पड़ रहा है क्योंकि वह छात्र संगठन एनएसयूआई की नेता है जिसके कारण उसे अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
राजस्थान की भाजपा शासित सरकार जो "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ"की बातें तो खूब करती है लेकिन वास्तव में उनके चरित्र पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि रीतू बराला की शिकायत पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जीरो एफआईआर दर्ज करने के अनुरोध पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने और उसकी सुरक्षा एवं गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ अन्यथा कांग्रेस पार्टी बेटियों के सम्मान ओर न्याय के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होने देगी ओर उनको उनका हक हर हाल में दिलवा कर रहेगी चाहे उसके लिए आंदोलन भी क्यों ना करना पड़े।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






