ग्राम खात्मा खेड़ा में युवालय इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित, युवाओं को मिली युवालय की कार्यप्रणाली और संवैधानिक मूल्यों की जानकारी

खात्मा खेड़ा, 29 अक्टूबर 2026। सिनर्जी संस्थान द्वारा ग्राम खात्मा खेड़ा में युवालय इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गाँव के युवाओं को युवालय के उद्देश्य, उसकी कार्यप्रणाली, गतिविधियों एवं प्रक्रियाओं से परिचित कराना तथा युवाओं के बीच आपसी जुड़ाव, सहयोग और सहभागिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में पीरथी काजले और रक्षा हिरवा शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं के साथ परिचय एवं बातचीत से हुई। इस दौरान युवा साथियों को बताया गया कि युवालय क्या है, इसकी शुरुआत क्यों की गई है और यह युवाओं के लिए किस प्रकार एक महत्वपूर्ण मंच है। युवालय के माध्यम से युवा अपनी रुचियों, विचारों, सपनों और गाँव से जुड़ी समस्याओं को साझा कर सकते हैं। साथ ही अपनी क्षमताओं को पहचानकर सामूहिक रूप से आगे बढ़ने और गाँव में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयास कर सकते हैं।
जनगीत के माध्यम से उत्साहपूर्ण शुरुआत
कार्यक्रम में जनगीत के माध्यम से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया गया। सभी ने मिलकर जनगीत गाया, जिसके बोल थे – "जो गीत नहीं जन्मा, वो गीत बनाएँगे, तेरे प्यार का सुर लेकर संगीत बनाएँगे।" इस गीत के माध्यम से युवाओं में उत्साह और एकजुटता का माहौल बना। इसके बाद सभी युवा साथी आगे की गतिविधियों में शामिल हुए।
युवाओं की पसंद से सजेगा युवालय
इसके बाद युवाओं को युवालय की जगह को देखने और समझने का अवसर दिया गया। उनसे पूछा गया कि वे अपने युवालय को किस तरह देखना चाहते हैं और इस जगह पर कौन-कौन सी सुविधाएँ एवं गतिविधियाँ होनी चाहिए। सभी युवा साथियों ने अपनी पसंद, जरूरतों और सुझावों को स्टिकी नोट पर लिखा। इस गतिविधि के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने और युवालय को अपनी पसंद के अनुसार विकसित करने का अवसर मिला। साथ ही यह समझ बनी कि युवालय केवल एक स्थान नहीं, बल्कि युवाओं का अपना मंच है, जहाँ उनकी भागीदारी और विचारों को महत्व दिया जाता है।
संविधान के मूल्यों पर गतिविधि
कार्यक्रम के दौरान मूल्य आधारित गतिविधि (फजल बाली) भी आयोजित की गई। इसमें युवाओं के साथ चर्चा की गई कि मूल्य क्या होते हैं और हमारे जीवन में इनका क्या महत्व है। साथ ही भारतीय संविधान में दिए गए मूल्यों के बारे में जानकारी साझा की गई। युवाओं को प्रेम, समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता जैसे संवैधानिक मूल्यों को समझाया गया। चर्चा के माध्यम से बताया गया कि ये मूल्य हमें एक-दूसरे का सम्मान करना, बिना किसी भेदभाव के साथ रहना, सभी को समान अवसर देना और मिल-जुलकर समाज में सकारात्मक वातावरण बनाना सिखाते हैं।
युवालय की आगे की प्रक्रिया की जानकारी
इसके बाद युवा साथियों को बताया गया कि युवालय में आगे किस प्रकार नियमित गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी और इन गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रहेगी। युवाओं को समझाया गया कि युवालय की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। वे अपनी रुचियों और जरूरतों के अनुसार गतिविधियों का चयन कर सकते हैं तथा समूह के रूप में मिलकर अपने विचारों को आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी युवा साथियों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई। नाश्ते के बाद आपसी बातचीत और धन्यवाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस इंडक्शन कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को युवालय के उद्देश्य और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। साथ ही युवाओं ने अपनी पसंद और जरूरतों को साझा करते हुए यह अनुभव किया कि युवालय उनकी अपनी जगह है, जहाँ वे खुलकर अपनी बात रख सकते हैं, नई चीजें सीख सकते हैं और मिलकर अपने गाँव के विकास में योगदान दे सकते हैं।
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