दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में 3 गिरफ्तार, हैंडलर के इशारे पर की गई थी वारदात

नई दिल्ली। दिल्ली के दो मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पानीपत निवासी सुमित उर्फ रफ्तार, गुरदासपुर निवासी सुमित कुमार उर्फ काका और होशियारपुर निवासी गुरप्रीत के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) और खालिस्तान के समर्थन में दिल्ली के जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे थे। इस पूरी घटना के पीछे एक कथित विदेशी हैंडलर की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों को एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से कथित हैंडलर से निर्देश मिले थे। उन्हें नारे लिखने के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। आरोप है कि नारे लिखने के बाद आरोपियों ने वीडियो रिकॉर्डिंग की और उसे कथित हैंडलर को भेज दिया।
डीसीपी नॉर्थ चैतन्य नारायण ने बताया कि एसीपी राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और परवीन कुमार की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच के अनुसार, 29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। इसके अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर भी इसी तरह के नारे लिखे मिले थे।
पुलिस के अनुसार, मामले में सुमित कुमार उर्फ काका की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। आरोप है कि वह लुधियाना और गुरदासपुर में खालिस्तान समर्थक विचारधारा से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में आया था। इसी दौरान एक कथित हैंडलर ने उसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने और उसके जरिए भेजे गए निर्देशों पर काम करने को कहा था।
पुलिस का दावा है कि हैंडलर ने उसे नारों के टेम्पलेट भेजे थे और दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर इन्हें लिखने के बदले पैसे देने की बात कही थी। इसके बाद सुमित ने गुरप्रीत और सुमित उर्फ रफ्तार को भी अपने साथ शामिल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी 28 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखकर वीडियो बनाया और कथित हैंडलर को भेज दिया। वहीं, पूछताछ में समयपुर बादली इलाके में जीटीके बाईपास के पास भी इसी तरह के नारे लिखने की बात सामने आई है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। कथित हैंडलर की पहचान, नेटवर्क और आरोपियों को दिए जाने वाले पैसों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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