
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨खाकी की मौजूदगी में ‘तांडव’, तमाशबीन बनी रही कप्तानगंज पुलिस!🚨
⭐”कप्तानगंज पुलिस का खौफ खत्म? रास्ते के विवाद में पुलिस के सामने ही चले लाठी-डंडे, कई घायल”
⭐”सुरक्षा के घेरे में ‘असुरक्षित’ महराजगंज: पुलिस खड़ी देखती रही और आपस में भिड़ गए दो पक्ष”
महराजगंज (बस्ती)।। जिले में कानून व्यवस्था के इकबाल पर एक बार फिर गहरा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज बाजार में पुलिस की मौजूदगी में दो पक्षों के बीच जमकर ‘लात-घूसे और लाठी-डंडे’ चले, लेकिन वर्दी खामोश तमाशा देखती रही। पुलिस के सामने ही मचे इस बवाल ने पुलिसिंग की पोल खोलकर रख दी है।
⭐रास्ते का विवाद और पुलिस की विफलता
बताया जा रहा है कि मामला रास्ते के विवाद से जुड़ा था। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस पहले से ही तैनात थी। उम्मीद थी कि खाकी की मौजूदगी से शांति बनी रहेगी, लेकिन स्थिति इसके बिल्कुल उलट रही। पुलिस के घेरे के बीच ही दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरा बाजार रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
⭐बड़ा सवाल: पुलिस की नाक के नीचे कैसे हुआ बवाल?
घटना के दौरान लाठी-डंडों के वार से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस मौके पर मौजूद थी, तो उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? क्या कप्तानगंज पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है या फिर यह पुलिस की लापरवाही का नतीजा है?
⭐देर से जागी पुलिस, अब कार्रवाई का दावा
जब खून बह गया और माहौल पूरी तरह गरमा गया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने अब दोनों पक्षों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल वही है— जब रोकने का वक्त था तब पुलिस क्या कर रही थी?
मुख्य बिंदु:
⭐स्थान: महराजगंज बाजार, थाना कप्तानगंज (बस्ती)।
⭐कारण: रास्ते को लेकर पुराना विवाद।
⭐असर: कई लोग गंभीर घायल, इलाके में भारी तनाव।
⭐पुलिसिया साख: वर्दी की मौजूदगी में मारपीट से स्थानीय लोगों में आक्रोश।
🔥”क्षेत्र में चर्चा है कि यदि पुलिस समय रहते कड़ाई दिखाती, तो शायद लहूलुहान होने की नौबत न आती।”🔥





















