
*जिगनी में 6 फरवरी को श्री आई माताजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव, तैयारियाँ ज़ोरों पर*
बेंगलुरु :शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक जिगनी, जो प्राचीन काल से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रहा है, एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगने जा रहा है। कर्नाटक की पावन धरा एवं मार्बल-ग्रेनाइट नगरी के रूप में विख्यात जिगनी में सीरवी समाज जिगनी द्वारा नवनिर्मित श्री आई माताजी मंदिर (बडेर) का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आगामी 6 फरवरी 2026 को अत्यंत भव्यता और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव के अंतर्गत श्री आई माताजी की पाट स्थापना एवं अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन किया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में केसरदात्री माँ श्री आई माताजी के स्वरूप शेरोवाली माँ दुर्गा, प्रथम पूज्य श्री गणेश जी, श्री राधाकृष्ण, महादेव जी, श्री हनुमान जी, श्री शीतला माताजी एवं श्री काला-गोरा भैरवनाथ जी की प्रतिमाओं की विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी। यह मांगलिक आयोजन विक्रम संवत 2082 (फाल्गुन वदी पंचमी), शुक्रवार को श्री आईपंथ के परम पूजनीय धर्मगुरु दीवान साहब श्री माधवसिंह जी के पावन कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा। इस अवसर पर श्री महेन्द्र बाबाजी एवं उनकी बाबा मंडली का दिव्य सान्निध्य एवं आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियाँ ज़ोरों पर चल रही हैं। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। महोत्सव के दौरान रात्रि में प्रतिदिन राजस्थान के प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भजनों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। भजन-कीर्तन और संतों के प्रवचनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेगा। सीरवी समाज जिगनी ने समस्त धर्मनिष्ठ महानुभावों, समाजबंधुओं, इष्ट-मित्रों एवं श्रद्धालुओं से सपरिवार पधारकर इस भव्य एवं ऐतिहासिक धार्मिक महोत्सव में सहभागिता करने और दर्शन-लाभ प्राप्त करने का विनम्र आग्रह किया है






