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बस्ती पुलिस का ‘ऑपरेशन मिडनाइट’: 19 की उम्र में 12 मुकदमे, गांजा तस्कर प्रिंस का ‘साम्राज्य’ ध्वस्त

सफेदपोशों के संरक्षण में था या पुलिस की सुस्ती? 12 मुकदमों वाला शातिर प्रिंस आखिर धरा गया

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨खाकी का ‘नशा’ उतारने वाला प्रहार: बस्ती में धरे गए दो शातिर गांजा तस्कर🚨

⭐कप्तान की ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर: अमहट पुल पर धरे गए दो शातिर तस्कर, गांजा बरामद

⭐खाकी का खौफ: नशे के सौदागरों की ‘कुंडली’ देख पुलिस भी दंग, सलाखों के पीछे पहुँचा ‘पारिवारिक’ गठजोड़

⭐जुर्म की दुनिया का ‘प्रिंस’ गिरफ्तार: रौतापार से सिद्धार्थनगर तक फैला था नशे का जाल

⭐बस्ती में नशे पर कड़ा प्रहार: क्या इन शातिर तस्करों के पीछे है कोई ‘सफेदपोश’ मास्टरमाइंड?

ब्यूरो चीफ, बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।

​बस्ती। जिले में अपराध और नशे के काले कारोबार पर पुलिसिया हंटर अब और तेज हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में थाना कोतवाली पुलिस ने आधी रात को घेराबंदी कर दो ऐसे शातिर तस्करों को दबोचा है, जो लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे थे।

​💫अमहट पुल पर पुलिस का ‘ऑपरेशन मिडनाइट’
​घटना 28 मार्च की रात करीब 11:55 बजे की है, जब सन्नाटे को चीरते हुए सिविल लाइन और बड़ेवन चौकी प्रभारी की टीम ने अमहट पुल के पास जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही भागने की फिराक में लगे विशाल उर्फ शिवम (रौतापार) और विनायक उर्फ प्रिंस (सिद्धार्थनगर) को पुलिस ने धर दबोचा। इनके पास से 1030 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है।

​💫अपराध का ‘पारिवारिक’ गठजोड़ और खौफनाक कुंडली
​गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्त रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, जो मिलकर नशे की खेप को ठिकाने लगाने का काम करते थे। जब इनकी कुंडली खंगाली गई, तो पुलिस भी दंग रह गई:

​👉विनायक उर्फ प्रिंस: उम्र महज 19 साल, लेकिन जुर्म की दुनिया में कदम गहरे हैं। इसके खिलाफ NDPS, आर्म्स एक्ट और BNS की धाराओं के तहत कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं।

​🙉विशाल उर्फ शिवम: इसके खिलाफ भी मारपीट, धमकी और पाक्सो (POCSO) एक्ट जैसे 3 गंभीर मामले दर्ज हैं।

​💫तीखा सवाल: सवाल यह उठता है कि इतनी कम उम्र में दर्जन भर मुकदमों का बोझ ढोने वाले ये अपराधी अब तक खुलेआम कैसे घूम रहे थे? क्या इन्हें किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त था या ये पुलिस की सुस्ती का फायदा उठा रहे थे?

​🤩कप्तान के तेवर से सहमे नशे के सौदागर
​जिले की कमान संभालते ही एसएसपी डॉ. यशवीर सिंह ने साफ कर दिया था कि बस्ती की आबोहवा में नशे का जहर घोलने वालों की जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी। थाना प्रभारी मोती चंद के नेतृत्व में हुई इस गिरफ्तारी ने तस्करों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि इस धंधे के ‘असली मास्टरमाइंड’ तक पहुँचा जा सके।
​ब्यूरो रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश

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