A2Z सभी खबर सभी जिले की

बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्ययोजना के अंतर्गत सभी हितधारको का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मिया गया l

प्रेस विज्ञप्ति

 

आज दिनांक-10.03.2026 को संयुक्त श्रम भवन, केन्दुई, गयाजी के प्रथम तल मे अवस्थित सभागार में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्य योजना के अन्तर्गत सभी हितधारीको का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ उप श्रमायुक्त, गयाजी विनोद कुमार प्रसाद, सहायक श्रमायुक्त पुनम कुमारी एवं सभी श्रम अधीक्षक, मगध प्रमण्डल गयाजी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित एवं बिहार गाथा के साथ किया गया। कार्यशाला में मगध प्रमण्डल के सभी श्रम अधीक्षक एवं सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रयास एवं प्रथम एन० जी० ओ० के अलावे सिविल संर्जन एवं पुलिस पदाधिकारी के प्रतिनिधि उपस्थति रहें। कार्यशाला के प्रथम सत्र में बाल एक किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन उन्मूलन) की विस्तृत चर्जा उप श्रमायुक्त, गयाजी द्वारा की गई उनके द्वारा बताया गया कि उक्त की धारा-3 के तहत 14 वर्ष के कम उर्म के बालको को किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन प्रतिषेध हैं जबकि उक्त अधिनियम कि धारा-3A के तहत खतरनाक व्यवसाय एवं प्रक्रियाओं में किशोर का नियोजन प्रतिषेध है। यदि कोई नियोजक उक्त अधिनियम की धारा 3 एवं 3A का उल्लंघन करता है तो ऐसी स्थिति में उक्त अधिनियम कि धारा-14 (1) के तहत दोषी नियोजको को 20000 से 50000 दण्ड राशि या छः महिने से दो वर्ष तक कारवास या दोनो से दण्डित किया जाता है। विमुक्त बाल श्रमिको को प्रति बाल श्रमिक रू0-3000 हजार की दर से तत्काल सहायता राशि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा भुगतान किया जाता है। इसके अलावे प्रति विमुक्त बाल श्रमिक को मुख्यमंत्री सहायता कोष से रू0-25000 की राधि दी जातिी है। कार्यशाला में सभी श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, सहभागी के रूप में अपनी जानकारी साक्षा किये। कार्यशाला के दुसरे सत्र में श्रीमति प्रियंका श्रम अधीक्षक, औरंगाबाद द्वारा विमुक्त्ति के उपरांत बाल श्रमिक / उनके अभिभवको को पुनर्वास हेतु 18 विभागो की योगदान / दायीत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा बताया गया की विमुक्त बाल श्रमिको का शैक्षिक पुर्नवास में शिक्षा विभाग की अहम भूमिका है। जबकि बाल श्रम कल्याण समिति/जिला बाल संरक्षण ईकाइ अन्य विभागो से समन्वय स्थापित कर बाल श्रमिको के पुर्नवास की कार्रवाई में अहम भूमिका है। कार्यशाला में श्रम अधीक्ष, औरंगाबाद श्रीमति प्रियंका, श्रम अधीक्षक, नवादा श्री सुनील कुमार एवं श्रम अधीक्षक, जहानाबाद, मृत्युजंय झा द्वारा उक्त अधिनियम एवं विमुक्त बाल श्रमिकों के पुर्नवास पर अपना-अपना विचार रखे।

त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार

वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़

Back to top button
error: Content is protected !!