
अजीत मिश्रा (खोजी)
फर्जी STF हुऐ गिरफ्तार, निकला PAC जवान 😁
।। गोंडा में फर्जी STF बनकर लूट का खुलासा: PAC जवान सहित 6 गिरफ्तार, 509 प्राचीन चांदी के सिक्कों का मामला।।
21 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।
गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में मंदिर निर्माण के दौरान मिले 509 प्राचीन चांदी के सिक्कों की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में लखनऊ की 35वीं पीएसी में तैनात एक जवान समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक पीआरडी जवान सहित दो आरोपी फरार हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 431 प्राचीन चांदी के सिक्के, एक कार, एक कलश, और दो फर्जी पुलिस पहचान पत्र बरामद किए हैं। बरामद सिक्कों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। सिक्के 1860, 1880, 1901 समेत ब्रिटिश काल के बताए जा रहे हैं।
मंदिर की खुदाई में मिला था चांदी का कलश:-
17 दिसंबर को ठाकुरापुर गांव स्थित बाबा कुटी मंदिर के निर्माण कार्य के लिए जेसीबी से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान जमीन से एक पुराना मिट्टी का कलश निकला। जब कलश को खोला गया तो उसमें 509 पुराने चांदी के सिक्के मिले। खुदाई तुरंत रुकवा दी गई और मंदिर के महंत उपेंद्र सिंह उर्फ उपेंद्र बाबा कलश को अपने साथ ले गए। हालांकि, महंत ने सिक्के मिलने की जानकारी पुलिस को नहीं दी और उन्हें अपने पास ही रख लिया।
JCB चालक और ठेकेदार से शुरू हुई साजिश:-
महंत द्वारा पुलिस को सूचना न देने की बात जेसीबी चालक और उससे जुड़े लोगों को पता चल गई। यह जानकारी केशवजोत निवासी ठेकेदार हरिओम दुबे तक पहुंची, जिसने अपने मित्र त्रिलोकी नाथ पांडेय को इस बारे में बताया। इसके बाद त्रिलोकी पांडेय ने लखनऊ पीएसी में तैनात जवान आलोक शुक्ला उर्फ सुधीर, गोंडा में तैनात पीआरडी जवान प्रदीप तिवारी, और अन्य साथियों के साथ मिलकर सिक्के लूटने की साजिश रच डाली।
फर्जी STF अफसर बनकर महंत को रोका, फिर लूट:-
18 दिसंबर को आरोपी एक कार से बालपुर पहुंचे। उसी दिन महंत उपेंद्र बाबा चांदी के सिक्कों से भरा कलश लेकर सब्जी खरीदने बालपुर बाजार आए थे। परसपुर मोड़ के पास आरोपियों ने महंत की कार रोक ली और खुद को STF अधिकारी बताया। फर्जी पहचान पत्र दिखाकर उन्हें बालपुर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास ले गए। वहां कार्रवाई का डर दिखाकर कलश छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
तहरीर के बाद पुलिस हरकत में, 6 गिरफ्तार:-
घटना के बाद महंत ने डायल 112 पर सूचना दी और देहात कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आलोक शुक्ला उर्फ सुधीर (PAC जवान), त्रिलोकी नाथ पांडेय, हरिओम दुबे, प्रिंस मिश्रा, राहुल यादव,मनोज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सिक्कों को बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने समय रहते गिरोह को दबोच लिया।
दो आरोपी फरार, तलाश जारी:-
इस मामले में पीआरडी जवान प्रदीप तिवारी और जेसीबी चालक गोलू फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष सिक्कों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

















