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“अधीक्षक और बीसीपीएम की सरपरस्ती में हरैया की स्वास्थ्य सेवाएं ‘वेंटिलेटर’ पर, गायब सीएचओ को मिल रहा संरक्षण”

"साहब बोले- प्रधान के घर बैठते हैं CHO, प्रधान ने कहा- यहाँ कोई नहीं आता; आखिर कहाँ गायब है मिर्जापुर का स्वास्थ्य विभाग?"

।। अंधेरगर्दी: कागजों पर चल रहा मिर्जापुर का आयुष्मान आरोग्य मंदिर, CHO ड्यूटी से नदारद।।

🔥अधीक्षक और बीसीपीएम की सरपरस्ती में ‘लापता’ सीएचओ उठा रहे मानदेय, ग्रामीण झोलाछापों के भरोसे।

हरैया (बस्ती)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया के तहत आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) मिर्जापुर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर हैं। यहां तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) अंबुज मिश्रा की मनमानी और अधिकारियों की कथित मिलीभगत ने सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को मजाक बना कर रख दिया है। मीडिया की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अस्पताल समय पर खुलना तो दूर, अक्सर वहां ताला ही लटका रहता है।

🔥जिम्मेदारों की ‘जुगलबंदी’ से गायब रहने का खेल

सूत्रों की मानें तो बीसीपीएम और सीएचसी अधीक्षक की कथित सरपरस्ती के चलते सीएचओ अंबुज मिश्रा ड्यूटी से गायब रहने में सफल हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अधीक्षक डॉ. अभय सिंह के कड़े निर्देशों के दावों के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सवाल यह उठता है कि जब सीएचओ केंद्र पर मौजूद ही नहीं रहते, तो उनकी हाजिरी (अटेंडेंस) कैसे लग रही है और हर महीने सरकारी खजाने से मानदेय का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है?

🔥अधीक्षक का दावा बनाम प्रधान का सच

मामले में जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभय सिंह से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने अजीबोगरीब तर्क दिया। उनके मुताबिक, “आरोग्य मंदिर का भवन अभी विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए सीएचओ ग्राम प्रधान के घर पर बैठकर सेवाएं देते हैं।”

लेकिन जब मीडिया टीम ने ग्राम प्रधान पवन कुमार पाल से इस बाबत बात की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। ग्राम प्रधान ने साफ शब्दों में कहा, “हमारे घर पर न तो कोई सीएचओ बैठते हैं और न ही स्वास्थ्य विभाग की कोई सामग्री यहाँ रखी है।”

🔥जांच के घेरे में ‘गायब’ दवाइयां और उपकरण

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सीएचओ प्रधान के घर पर नहीं बैठते और केंद्र पर ताला लटका रहता है, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवंटित की गई लाखों की दवाइयां और चिकित्सा उपकरण कहाँ हैं? क्या इन सरकारी संसाधनों का बंदरबांट किया जा रहा है?

🔥ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबत

उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन न होने से मिर्जापुर और आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। मजबूरन ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाकर अपनी जेबें ढीली कर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

वर्जन: “उक्त प्रकरण की जानकारी संज्ञान में आई है। अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की गई है। ड्यूटी से गायब रहने वाले सीएचओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — डीसीपीसी, जनपद-बस्ती

रिपोर्टर: अजीत मिश्रा (खोजी)

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