
जिले में चर्चित मामले में सच सामने आया है l दो भाइयों ने रची थी पत्रकार राघवेंद्र सिंह को झूठे मामले में फंसाने का षडयंत्र रचा था, मामले में प्रार्थी चोलेश साहू ने स्वयं आगे आकर शपथपत्र और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राघवेंद्र सिंह को निर्दोष बताया है। प्रार्थी ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि ऋषि शुक्ला एवं आशीष शुक्ला ने बार बार बुला कर जमीन आदि काम का निपटारा कराने बहाने बुलवाया था जहां राघवेंद्र सिंह के साथ भाई चारा के लेनदेन को अनैतिक रूप से शिकायत पत्र तैयार कर दोनों भाइयों ने मुझसे धोखे से हस्ताक्षर कराकर पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, थाना प्रभारी कसडोल में शिकायत जमा करवा दी गई l प्रार्थी को जब एसडीओपी पुलिस कार्यालय से बयान के लिए फोन आया तब उन्हें पूरी घटना समझ में आई जिसके बाद प्रार्थी ने ऋषि शुक्ला से इस बारे में चर्चा की तो दोनों भाइयों ने जबरन उसे एसडीओपी पुलिस कार्यालय ले जाकर बिना सहमति के राघवेंद्र सिंह के विरुद्ध बयान करा दिया गया जिसकी पुष्टि कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज व मौजूदा स्टॉफ से की जा सकती हैं उक्त सभी बातें प्रार्थी चोलेश साहू ने अपने शपथ पत्र में उल्लेख कर विभिन्न कार्यालयों सहित पत्रकारों को भी सौंपी है l
इतना ही नहीं, प्रार्थी ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए और राघवेंद्र सिंह के खिलाफ बयान दिलवाया गया।
दोनों भाइयों ने पूर्व में भी ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार से मिलकर इस प्रकार षडयंत्र रचा गया था जिसकी कार्यवाही अभी भी शेष हैं उसके बावजूद बार बार दोनों भाई ऐसी हरकत कर जिससे पत्रकारिता जगत में आक्रोश का माहौल है l राघवेंद्र सिंह को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई हो सकती है।
मामले की सम्पूर्ण जानकारी प्रशासन को हो चुकी है l प्रार्थी द्वारा राघवेंद्र सिंह के विरुद्ध दिए आवेदन पर कार्यवाही नहीं कराने की मांग कर मामले को समाप्त कराते हुए अपना बयान प्रशासन एवं प्रेस वार्ता में दे दिया है किन्तु अब सभी की नजर षडयंत्र रचना कारो पर है कि आखिर इन पर कार्यवाही कब होगी



















