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महावीर जयंती जैन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है

महावीर स्वामी जी को जैन धर्म का चौबीसवां तीर्थंकर माना जाता है।

।। महावीर जयंती पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं।।

वंदेभारतलाइवटीव न्युज, रविवार 29 मार्च 2026

===-: महावीर स्वामी जी को जैन धर्म का चौबीसवां तीर्थंकर माना जाता है। महावीर स्वामी का जन्म ईसा पूर्व 599 वर्ष माना जाता है। प्रतिवर्ष चैत्र मास शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर महावीर जयंती मनाई जाती है। महावीर जयंती जैन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार बड़े ही उत्साह धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान महावीर स्वामी जी का जन्म राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला जी के घर में हुआ था। महावीर स्वामी जी का जन्म 599ईसा पूर्व बिहार राज्य के कुंडल ग्राम में हुआ था, दिगंबर जैन ऐसा मानते हैं कि उनका जन्म 615 ईसा पूर्व हुआ था। महावीर स्वामी का बचपन में नाम वर्धमान रखा गया था। महावीर जयंती के शुभ अवसर पर भगवान महावीर स्वामी जी की प्रतिमा के साथ जुलूस भी निकाला जाता है, इस अवसर पर धार्मिक गीत भी गाए जाते हैं। इस वर्ष 2026 में महावीर स्वामी जी की 2,624वां जयंती वर्ष मनाया जा जायेगा। महावीर स्वामी जयंति इस बार 31 मार्च दिन मंगलवार 2026 को है। महावीर स्वामी जयंती जैन धर्म समुदाय का एक सबसे महत्वपूर्ण पर्वों मे से एक पर्व है। महावीर स्वामी जी ने धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का प्रचार किया था। महावीर स्वामी जी ने तीस वर्ष की आयु मे ही अपना घर द्वार सबकुछ त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग को अपना लिया था। भगवान महावीर स्वामी ने जीवन जीने कई महत्वपूर्ण सिद्धांत बतलाए, जिनमे से प्रमुख पांच सिद्धांत- : अहिंसा- किसी प्राणी जीव को तन मन वचन कर्म से कभी भी कोई कष्ट न पहुंचाना। सत्य-: सदैव सत्य वचन कहना, झूठ कपट से दूर रहना। अस्तेय-: जो वस्तु किसी को न दी गई हो उसे कभी भी नहीं लेना चाहिए । ब्रम्हचर्य-: शरीर की शुद्धता, सदैव अपनी इंद्रियों और अपनी ईच्छाओं को अपने नियंत्रण मे रखना चाहिए। अनावश्यक गैर जरूरी भौतिक वस्तुओं से दूरी, भौतिक वस्तुओं और सांसारिक मोह माया के बंधन जकड़ना नहीं चाहिए महावीर स्वामी जी के सात्विक विचार-: जो ज्ञान सत्य को समझने मे सहायक हो और मन को स्थिर रख सके आत्मा को शुद्ध बनाए वही ज्ञान सच्चा होता है। जैसे कि धागे में पिरोई गई सुई सुरक्षित रहती है, ठीक उसी प्रकार से स्व अध्ययन मे रत व्यक्ति कभी पथ नहीं भटकता । प्रत्येक प्राणी जीव के प्रति ह्दय मे दया करूणा भाव रखना चाहिए, घृणा सदा विनाश का कारण बनती हैं। आत्मा सदैव अकेली ही इस भौतिक संसार में आती है और अकेली ही चली भी जाती है। आत्मा का न कोई मित्र होता है और न कोई सच्चा साथी। प्रत्येक मनुष्य केवल अपने ही दोषों के कारण इस भौतिक संसार मे दुख पाता है, मनुष्य अपने दोषों को सुधारकर ही सुख शांति प्राप्त कर सकता है। महावीर स्वामी जी ने अपने अनुयायियों को सदैव असत्य से बचने, द्वेष दंभ लालच और सांसारिक वस्तुओं का मोह त्यागने हिंसा हत्याएं बंद करने का संदेश दिया। महावीर स्वामी की जयंती पर विशेष धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। इस दिन जैन मन्दिरों में भगवान महावीर स्वामी जी की प्रतिमा का जल दूध केशर, चंदन आदि शुद्ध चीजों से अभिषेक भी किया जाता है। आरती पूजा के साथ मंगल पाठ भी किए जाते हैं इस दिन भव्य शोभा यात्राएं भी निकाली जाती है। शोभायात्रा के दौरान धार्मिक झांकियां भजन कीर्तन शामिल किए जाते हैं। इस दिन श्रद्धालु भक्तगण व्रत उपवास आदि भी करते हैं, और जरूरतमंद लोगों को दान मे वस्त्र धन अन्न आदि दिए जाते हैं। आज के इस भौतिकवादी परिवेश मे भगवान महावीर स्वामी जी के बताए हुए मार्ग पर चलकर ही अपने आप को सुरक्षित संरक्षित किया जा सकता है। भगवान महावीर स्वामी जी ने मनुष्यों को जीवन जीने के लिए कई महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए हैं। उनके द्वारा दिए गए पंचशील सिद्धांत जैन धर्म के नैतिक और आचार संबंधी मूल सिद्धांतों मे से एक हैं। महावीर स्वामी द्वारा दिए गए यह सभी सिद्धांत जीवन में सत्य अहिंसा संयम, नियम आत्म शुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। महावीर स्वामी जी के द्वारा बतलाए गए सिद्धांत आज भी हमारे सामजिक जीवन को नैतिकता सादगी भरा जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। महावीर स्वामी जी के यह सिद्धांत जीवन को सदैव संतुलित, पवित्र बनाने का ही मार्ग दिखाते हैं। महावीर जयंती मात्र एक साधारण पर्व नहीं, बल्कि मानवीय जीवन को उचित दिशा देने वाला संदेश भी है। महावीर स्वामी जी के यह सिद्धांत आज के समय मे भी उतने ही महत्व रखते है जितने की प्राचीन काल मे था। महावीर स्वामी जी के द्वारा दिए इन सिद्धांतों को यदि अपने जीवन मे सही तरीके से अपनाया जाए तो मनुष्य न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी सुखी और समृद्ध बन सकता है। ।।।

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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