
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायतीराज विभाग ने जिलेवार वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस बार जिला पंचायतों के 30 वार्ड कम हो गए हैं। ये वार्ड 16 जिलों में घटे हैं, जिनमें अयोध्या, अलीगढ़, देवरिया, मथुरा, गोंडा और संत कबीर नगर प्रमुख हैं।
नई सूची के अनुसार, अब जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 3050 से घटकर 3020 रह गई है। वहीं, क्षेत्र पंचायतों में 830 वार्ड कम हुए हैं — पहले इनकी कुल संख्या 75,845 थी, जो अब घटकर 75,015 हो गई है।
ग्राम पंचायतों में भी बदलाव का असर देखने को मिला है। अब तक 7,32,643 ग्राम पंचायत वार्ड थे, जो नए परिसीमन के बाद 4,608 घटकर 7,28,035 रह गए हैं। इसके अलावा 37 जिलों में 504 ग्राम पंचायतें कम हो चुकी हैं।
इस बदलाव के बाद अब प्रदेश की 57,685 ग्राम पंचायतों में प्रधानी का चुनाव कराया जाएगा।
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परिसीमन का कार्य बीते अगस्त माह में जिलों में पूरा किया गया था, जिसके बाद सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर राज्य स्तर पर सूची तैयार की गई है।
विभाग अब आरक्षण तय करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। आयोग के गठन पर सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार है।
👉 मुख्य बिंदु एक नजर में :
16 जिलों में जिला पंचायतों के 30 वार्ड घटे
क्षेत्र पंचायतों में 830 वार्ड कम
ग्राम पंचायतों में 4608 वार्ड घटे
504 ग्राम पंचायतें समाप्त
अब 57,685 ग्राम पंचायतों में होंगे प्रधानी चुनाव
आरक्षण तय करने के लिए आयोग गठन का प्रस्ताव शासन के पास





