
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट गाजीपुर संवादाता

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं मासिक स्टाफ बैठक सीएम डैशबोर्ड दर्पण पर कलेक्टेरेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों – परिवहन, वन, स्टाम्प, नगर पालिका, ऑडिट आपत्ति, चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय एवं आईजीआरएस – की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित की जाए, किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
आईजीआरएस मामलों पर सख्ती
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध ढंग से किया जाए और शिकायतकर्ता से वार्ता कर समाधान सुनिश्चित हो। लापरवाही की दशा में विभागीय कार्रवाई की जाएगी और डिफॉल्टर की स्थिति में अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
लंबित वादों के निस्तारण पर जोर
मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग से जुड़े लंबित प्रकरण, दाखिल-खारिज और विवादित वादों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंचे।
05 वर्ष से पुराने मुकदमों पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को आदेश दिया कि 05 वर्ष से ऊपर के मुकदमों की प्रतिदिन सुनवाई अनिवार्य रूप से की जाए।
धारा 24, 116, 80, 34, 33 और 67 के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
धारा 34 से जुड़े मामलों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार को गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया गया।
उपजिलाधिकारी को इनकी नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया।
अन्य अहम निर्देश
सीमा स्तंभ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारीकला पट्टा आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति पर समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मांग के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटल सहायक मौजूद रहे।



